'बगराम में हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार हुआ'

बगराम सैन्य अड्डे में रह चुके लोगों ने बीबीसी को एक विशेष जाँच के दौरान बताया कि उन्हें पीटा गया, सोने नहीं दिया गया, हथियारों और कुत्तों से धमकाया गया और छत से उलटा लटकाया गया था.
बीबीसी ने विशेष जाँच के दौरान वर्ष 2002 से वर्ष 2008 के बीच बगराम हिरासत केंद्र में रखे गए लोगों से बातचीत की है.
इन्हें अल क़ायदा या फिर तालेबान के समर्थक या सदस्य होने के शक में हिरासत में लिया गया था.
लेकिन इनमें से किसी भी व्यक्ति के ख़िलाफ़ मुकदमा नहीं चलाया गया.
अमरीका ने खंडन किया
अमरीकी रक्षा मंत्रालय के जिन अधिकारियों को बीबीसी की जाँच के परिणाम दिखाए गए उन्होंने इन आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि सभी क़ैदियों के साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक बर्ताव हुआ था.
उनका कहना था कि जिन मामलों में ऐसा नहीं हुआ, उन मामलों में ज़िम्मेदार लोगों को दंड दिया गया.
काबुल से बीबीसी संवाददाता इयन पैनल ने बताया है कि बीबीसी ने क़ैदी रह चुके 27 लोगों को इंटरव्यू किया.
ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमरीकी सेना की हिरासत में बंदियों को यातनाएँ देने पर प्रतिबंध लगाया है और इस बारे में अमरीकी नीति पर पुनर्विचार का आदेश दिया है.


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