गहलोत ने एडमबेस कैम्प पर जल योजना की आधारशीला रखी
मुख्यमंत्री ने बुधवार तड़के ही एडमबेस कैम्प पहुंच कर इस महत्वाकांक्षी पेयजल योजना की आधारशिला रखी। गहलोत ने बीएसएफ के जवानों की हौंसला अफजाई करते हुए कहा कि बी.ओ.पी. के लिए स्वच्छ व मीठा पेयजल की उपलब्धता सरकार के प्रयास है तथा आस-पास के बाकी इलाकों में भी इन्दिरा गांधी नहर का मीठा पानी पहुंचाने की योजना पर कार्य हो रहा है। इस योजना की खासियत यह भी है कि मीठे पानी का संग्रहण भी यहां होगा। उन्होनें बी.एस.एफ. के जवानों से कहा कि सरकार पूरी तरह उनके साथ है तथा सुख-दुख में भागीदार बनकर उनकी हर आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास करेगी।
"हरित राजस्थान" के प्रयोग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान पूरे देश का 10 प्रतिशत भू-भाग है तथा इसमें 65 प्रतिशत रेगिस्तान है। ऐसी परिस्थिति में इस हरित राजस्थान के साथ वृक्षारोपण का भव्य अभियान अकाल की सम्भावना कम करेगा एवं पर्यावरण को संतुलित बनाएगा।
गहलोत ने बी.एस.एफ के शानदार इतिहास की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में लू के थपेड़ों व 50 डिग्री के तापमान छूते सीमा के वातावरण मे भी सीमा की रक्षा में जवान बड़ी मुस्तैदी के साथ काम करते है। अपने कर्तव्य पालन के साथ देश, राज्य व गावों तक के नागरिकों के साथ बी.एस.एफ. कें जवानों के अटूट रिश्ते हैं।
उन्होंने कहा कि सीमा रक्षा के अलावा भी आतंकवादी घटनाओं में भी आपके साथियों ने मुकाबला किया है। आप लोगों को जितनी सुविधाए दी जाये वह कम है। मुख्यमंत्री को महानिदेशक ने सीमा प्रहरी की तस्वीर के रुप में स्मृति चिन्ह भेंट किया।
सांसद हरीश चौधरी ने कहा कि सीमाओं पर बी.एस.एफ. के जवानों के प्रति सोच का ही परिणाम है कि वैटकर माफी के बाद इन जवानों को भी कैन्टीन सुविधा का आर्थिक लाभ मिलने लगा है। विषम परिस्थितियों में भी क्षेत्र की सुख शान्ति के लिए भी बी.एस.एफ. का योगदान अविस्मरणीय है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications