हिमाचल प्रदेश में जल प्रबंधन बोर्ड का गठन विचाराधीन : धूमल
उन्होंने कहा कि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग सभी जल स्रोतों की क्लोरिनेशन सुनिश्चित बनायेगा तथा पानी की कमी वाले क्षेत्रों में और हैंडपम्प स्थापित किए जायेंगे और आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हमीरपुर बाई पास के निर्माण कायरें में तेजी लाई जाएगी तथा हथली, बाथू, सुकराला और गसोती पुलों एवं तरक्वाड़ी महाविद्यालय के भवन का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने 20 सूत्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है तथा इसे बनाये रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विकास योजनाओं का नियमित अनुश्रवण किया जाना चाहिए ताकि इनके सार्थक परिणाम आ सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की उपलब्धियों की विश्व बैंक द्वारा भी सराहना की गई है। उन्होंने कहा कि शिमला नगर के लिए 750 करोड़ रुपये की ग्रेविटी पेयजल आपूर्ति योजना को विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषण की स्वीकृति मिलने की सम्भावना है, जिससे पांच वषरें से अधिक समय के लिए शिमला नगर की पेयजल समस्या का समाधान हो पायेगा। उन्होंने ऐसी परियोजनाएं तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिन्हें वाह्य वित्त पोषण के लिए प्रेषित किया जा सके।
प्रो़ धूमल ने कहा कि प्रत्येक विभाग को सरकार के कार्यक्रमों से विभिन्न लाभार्थियों को होने वाले प्रभाव का अध्ययन करना चाहिए तथा इस सम्बंध में रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजनी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अधिकारियों को ग्रामीण तथा दूर-दराज क्षेत्रों में जा कर लोगों को उनके कल्याणार्थ चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एक योजना तैयार करने पर विचार कर रही है, जिसके तहत गैर कृषि सरकारी एवं निजी भूमि का चयन कर इसमें चौड़ी पत्ती वाले पौधे रोपित किए जायेंगे ताकि इन्हें चारे के रूप में उपयोग में लाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में और अधिक वाटरशैड परियोजनाएं कार्यन्वित करने की आवश्यकता है ताकि लोगों को सुविधा के साथ-साथ बेहतर अधोसंरचना भी उपलब्ध हो सके। उन्होंने प्रदेश के पारिस्थितिकीय संतुलन को बनाये रखने तथा इस वर्ष 15 अगस्त से प्रदेश में पॉलिथिन बैग के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध में लोगों से सहयोग देने का आग्रह किया। उन्होंने वनों में आगजनी पर नियंत्रण में जन सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया तथा दोषियों के विरूद्घ आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रो़ धूमल ने अधिकारियों को लोगों विशेष तौर पर निर्धनों, पिछड़े वगरें एवं किसानों के कल्याण में पूर्ण सहयोग व समर्पण का सुझाव दिया, क्योंकि इन वगरें का विकास सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों का केन्द्र बिन्दू है। उन्होंने कहा कि वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ अधिक से अधिक वगरें को लाभान्वित करने के प्रयास किए जाने चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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