सामान्य से कम वर्षा हो सकती है इस साल (लीड-1)
चव्हाण ने पत्रकारों से चर्चा में कहा, "दक्षिण पश्चिम से आने वाले मानसून से होने वाली वर्षा के जून से सितम्बर के बीच सामान्य से कम होने का पूर्वानुमान है। इसकी मात्रा औसत वर्षा की 93 फीसदी हो सकती है।"
उन्होंने कहा, "हमारे इस पूर्वानुमान में 4 फीसदी की गलती की गुंजाइश है। देश में जुलाई महीने में 93 फीसदी वर्षा दर्ज की जा सकती है जबकि अगस्त महीने में यह 101 प्रतिशत हो सकती है।"
चव्हाण के मुताबिक देश के पश्चिमोत्तर हिस्से में औसत वर्षा का 81 फीसदी, पूर्वोत्तर हिस्से में 92 फीसदी, मध्य क्षेत्र में 99 फीसदी और दक्षिणी हिस्से में 93 फीसदी वर्षा दर्ज किए जाने के आसार हैं।
उन्होंने कहा कि इन पूर्वानुमानों में आठ फीसदी का अंतर आ सकता है।
उन्होंने कहा कि ये आकलन और पूर्वानुमान मौसम के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न शोध संस्थानों, अंतर्राष्ट्रीय शोध संगठनों से एकत्रित की गई जानकारियों पर आधारित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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