बल प्रयोग बंद करे ईरानः संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने ईरान से तत्काल गिरफ़्तारियाँ रोकने और बल प्रयोग बंद करने की अपील की है. इधर पुलिस ने राजधानी तेहरान में विपक्ष की एक रैली पर आंसू गैस के गोले दागे.
उन्होंने ईरान के प्रशासन से लोगों के मूलभूत अधिकारों विशेषकर इकट्ठा होने और विचार व्यक्त करने का आदर करने को कहा है. इसके पहले व्हाइट हाउस ने ईरानी अधिकारियों के लगातार हिंसा की आलोचना की थी. अनेक यूरोपीय देशों ने भी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसा का विरोध किया है.
इधर ईरान की पुलिस ने राजधानी तेहरान में विपक्ष की एक रैली पर आंसू गैस के गोले दागे. इसके पहले ईरान के रिवूल्यूशनरी गार्ड ने राष्ट्रपति चुनावों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन पर कड़ी चेतावनी जारी की थी.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चेतावनी के बावजूद लगभग एक हज़ार लोग राजधानी तेहरान के एक प्रमुख चौराहे पर जमा हो गए और उन्हें तितरबितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे.
राजधानी तेहरान में एक हफ़्ते से चल रहे प्रदर्शनों के बाद अब शहर की सड़कों पर हज़ारों की संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है. इन प्रदर्शनों में 10 लोग मारे गए थे.
मीडिया पर प्रतिबंध
इधर चुनाव की देखरेख करनेवाली ईरान की गार्डियन काउंसिल ने कहा है कि 50 चुनाव क्षेत्रों में अनियमितताएं पाई गई हैं. लेकिन उसने इस बात से इनकार किया कि इसका असर राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की जीत पर पड़ा था.
ईरान में चुनाव नतीजों के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुए थे. दूसरी ओर ईरान सरकार ने विदेशी मीडिया पर भी प्रतिबंध लगाए हैं और बीबीसी के तेहरान संवाददाता जॉन लाइन को देश छोड़ने के लिए कहा गया है.
इसके पहले ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिमी ताकतें देश में ''अराजकता और लूटपाट'' फैलाकर ईरान को तबाह करना चाहती हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहना था कि विदेशी मीडिया दुश्मन देशों की आवाज़ बन चुके हैं और वे ईरान को टूटते हुए देखना चाहते हैं.
ग़ौरतलब है कि ईरान में 12 जून को राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनावों के परिणाम आए थे जिसमें वर्तमान राष्ट्रपति अहमदीनेजाद को भारी मतों से विजयी घोषित किया गया था.
आरोप है कि इन चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी. इसके विरोध में दूसरे उम्मीदवार मीर हुसैन मुसावी के समर्थक सड़कों पर उतर आए थे.


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