खंडूरी देंगे इस्तीफा, नया नेता चुनने के लिए बुधवार को विधायक दल की बैठक (लीड-1)
नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड भवन में पत्रकारों से चर्चा में खंडूरी ने कहा, "लोकसभा चुनाव में हुई पार्टी की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। पार्टी अध्यक्ष ने बुधवार को नई दिल्ली में विधायक दल की बैठक बुलाई है जिसमें नए नेता का चयन होगा।"
उन्होंने कहा, "लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के तीन दिनों के बाद ही मैंने पार्टी अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया था लेकिन वह स्वीकार नहीं हुआ। मैंने फिर से उनके समक्ष अपने इस्तीफे की पेशकश की है।"
उन्होंने कहा, "बतौर मुख्यमंत्री मैंने विकास को हमेशा तरजीह दी। लोकसभा चुनाव से पहले राज्य में हुए सभी चुनावों में हमने शानदार सफलता दर्ज की, लेकिन लोकसभा के चुनाव परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहे।"
बहरहाल, चुनावी पराजय के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के विद्रोही तेवरों के आगे आखिरकार पार्टी आलाकमान को झुकना ही पड़ा। खंडूरी को बदलने की मांग पर पहले कोश्यारी समर्थक विधायकों और मंत्रियों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की धमकी दी और फिर इसके बाद खुद कोश्यारी ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर पार्टी नेतृत्व को सकते में डाल दिया। हालांकि बाद में वह मान गए थे लेकिन खंडूरी को हटाए जाने की शर्त पर।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में लोकसभा की पांच सीटें हैं। ये सीटें हैं गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, अल्मोड़ा और नैनीताल-उधमसिंह नगर। इन पांचों सीटों में पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई जबकि वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने पांच में से तीन सीटों पर सफलता पाई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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