ईरानः तनावपूर्ण शांति, मीडिया पर बैन

ईरान की राजधानी तेहरान में एक हफ़्ते से चल रहे प्रदर्शनों के बाद अब तनावपूर्ण शांति है. शहर की सड़कों पर हज़ारों की संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं.
ईरान में राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनावों के परिणामों का लोग लगातार एक हफ़्ते से विरोध कर रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार को शहर में कोई रैली नहीं निकली है. इससे पहले शनिवार को रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में दस लोग मारे गए थे.
सरकार ने न केवल प्रदर्शनकारियों पर सख्ती बरती है बल्कि विदेशी मीडिया पर भी प्रतिबंध लगा दिए हैं. तेहरान में बीबीसी संवाददाता जॉन लेन को ईरान से बाहर जाने को कहा गया है. हालांकि तेहरान में बीबीसी कार्यालय खुला रहेगा.
अमरीकी पत्रिका न्यूज़वीक का कहना है कि उनके कनाडाई पत्रकार मज़ियार बाहरी को बिना किसी आरोप के हिरासत में ले लिया गया है और बाहरी की कोई ख़बर नहीं है. बाहरी दस वर्षों से न्यूज़वीक में काम कर रहे थे.
पत्रकारों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स का कहना है कि ईरान में 23 स्थानीय पत्रकारों और ब्लॉगरों को पिछले एक हफ्ते में हिरासत में लिया गया है.
माहौल तनावपूर्ण
ईरान की सड़कों पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं.
ईरान में 12 जून को राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनावों के परिणाम आए थे जिसमें वर्तमान राष्ट्रपति अहमदीनेजाद को भारी मतों से विजयी घोषित किया गया था. इसके विरोध में दूसरे उम्मीदवार मीर हुसैन मुसावी के समर्थक सड़कों पर उतर आए थे.
शनिवार की हिंसा के बाद रविवार को देश में शांति रही है लेकिन माहौल तनावपूर्ण है.
तेहरान में बीबीसी संवाददाता जेरेमी बोवेन का कहना है कि रविवार को उत्तरी तेहरान के कई निवासी अपनी छतों से ''तानाशाह की मौत हो'' और ''अल्लाहो अकबर'' के नारे लगा रहे थे. ये नारे विरोध का एक लोकप्रिय तरीका बन चुके हैं.
पत्रकारों का कहना है कि रविवार को कुछ स्थानों पर महिला, पुरुष और बच्चों ने एक साथ जमा होकर नारे लगाए और ये नारे पहले की तुलना में अधिक उग्र थे.
रविवार को भी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का काम चलता रहा है और सरकारी मीडिया के अनुसार 457 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
गिरफ्तार किए गए लोगों में राष्ट्रपति अहमदीनेजाद के विरोधी अकबर हाशमी रफसंजानी के परिवार के कई सदस्य भी शामिल हैं. हालांकि उन्हें रविवार की शाम छोड़ दिया गया.
जानकारों का कहना है कि रफसंजानी के परिवारजनों की गिरफ्तारी आश्चर्यजनक है क्योंकि रफसंजानी एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के प्रमुख हैं. एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स मौलवियों का वो समूह है जिसे देश के प्रमुख धार्मिक नेता को हटाने का अधिकार है.


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