समय के साथ भयावह यादें भी मिट जाती हैं : सर्वेक्षण
मॉन्ट्रियल के मैकगिल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक ऐसे अणु तंत्र को खोज निकाला है जो मस्तिष्क के याद रखने, उसे संजोए रखने और पुरानी यादों में बदलाव लाने की शक्ति को नियंत्रित करता है।
विश्वविद्याल की ओर से रविवार को जारी किए गए एक बयान के मुताबिक इस प्रकिया को 'स्मृति पुन:समेकन' कहा जाता है और यह संकेत देता है कि मस्तिष्क कैसे काम करता है।
प्रोफेसर करीम नादेर के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने इस शोध में पाया कि मानव मस्तिष्क से वह भयावह यादें भी समय के साथ-साथ खत्म होती चली जाती है।
नादेर ने कहा, "पुराना सिद्धांत है कि एक बार कोई याद यदि इंसान के मस्तिष्क में घर कर जाए तो वह ताउम्र दिमाग में बनी रहती है। लेकिन ताजा सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि यदि आप कुछ याद करते हैं तो वह याद आपके दिमाग में पहले से बनी नहीं रहती बल्कि इसे दिमाग में पुन:समेकित किया जाता है।"
उन्होंने कहा कि यह नई खोज रोमांचित करने वाली है। उल्लेखनीय है कि नादेर ने ही सबसे पहले दावा किया था कि रसायनों के द्वारा भयावह से भयावह यादों को भुलाया जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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