नक्सलियों के बंद का 5 राज्यों में मिलाजुला असर (लीड-1)
बंद के मद्देनजर प्रदेशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पश्चिम बंगला के नक्सल प्रभावित मिदनापुर, बांकुड़ा और पुरूलिया जिले में सड़कों पर कम संख्या में गाड़ियां देखी गई। अधिकतर दुकानें व व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। झाड़ग्राम उपमंडल में बंद का मिलाजुला असर रहा। सड़कें खाली और दुकानें बंद रहीं। लालगढ़ इसी उपमंडल में आता है।
दक्षिणी पूर्वी रेलवे के एक सूत्र के मुताबिक पुरूलिया-बिरमाडीह रेल लाइन को नक्सलियों ने बाधित किया। नक्सलियों ने स्टेशन मास्टर को धमकी दी। स्टेशन पर से एक संदिग्ध बम भी बरामद किया गया। बम को निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधी दस्ते को बुलाया गया।
पश्चिमी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कुलदीप सिंह ने आईएएनएस से कहा, "सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम है। हो सकता है कि नक्सलियों के बंद के आह्वान के कारण ऐसा हुआ हो।" उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। पुलिस की टीम गश्त कर रही है।
उड़ीसा में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो विद्रोहियों की मौत हो गई। मल्कानगिरी, कोरापुट और सुंदरगढ़ जिलों में बंद का प्रभाव देखा गया। एहतियात के तौर पर सुंदरगढ़ जिले में कोई मालगाड़ी नहीं चलाई गई।
राज्य के पुलिस महानिरीक्षक सुधांशु सारंगी ने आईएएनएस को बताया, "कुछ विशेष क्षेत्रों में नक्सलियों की उपस्थिति है। उन इलाकों में उन्होंने यातायात अवरूद्ध किया। कुछ स्थानों पर काफी कम यातातात देखा गया।"
पुलिस उपमहानिरीक्षक संजीब कुमार पांडा ने बताया कि मल्कानगिरी के बाहरी इलाके में रविवार शाम को एक सुरक्षा जांच के दौरान दो नक्सलियों को झोले में हथगोला लिए जाते देखा गया। नक्सली एक नजदीकी जंगल में भागे, जहां मुठभेड़ में उनको मार गिराया गया। पांडा ने बताया कि नक्सलियों के पास से 9 एम.एम. की दो पिस्तौलें भी बरामद हुईं।
झारखंड में एक विस्फोट में सुरक्षा बलों के वाहन को उड़ा दिया गया। खरसावा इलाके में पटरी के समीप एक जिंदा बम पाया गया। राज्य में कड़ी सतर्कता बरती जा रही है। लंबी दूरी की सभी बस सेवाएं स्थगित हैं और राजमार्ग सूने पड़े हैं।
पुलिस ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिले के बोरामोरा जंगल के समीप नक्सलियों ने बारूदी सुरंगरोधी वाहन को उड़ा दिया। जवानों के बचाव के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भेजा गया है।
दुमका के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने आईएएनएस को बताया, "सनातन को रविवार को एक मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। वह नक्सलवादी संगठन का एक कट्टर सदस्य है। हथियारों की आपूर्ति करने वाले दो लोगों और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिसके घर नक्सली ठहरते थे।"
बिहार में बंद का मिलाजुला असर देखा गया। पुलिस ने बंद के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। बिहार के नक्सल प्रभावित गया, रोहतास, औरंगाबाद सहित कई जिलों में बंद का यातायात पर व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। नक्सल प्रभावित इलाकों के ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानें बंद हैं जबकि आवागमन लगभग ठप है।
पटना से झारखंड जाने वाली लंबी दूरी की बसों का संचालन रोक कर दिया गया है। इस कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर, जीटी रोड पर भी वाहनों की आवाजाही में कमी देखी जा रही है।
राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) वी़ नारायणन ने सोमवार को बताया कि बंद से निपटने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 24 अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी सड़कों खासकर जीटी रोड पर विशेष गश्ती की जा रही है।
उन्होंने बताया कि रेलवे पटरियों, रेलवे स्टेशनों तथा आधारभूत संरचनाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। नारायणन के मुताबिक अब तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
उल्लेखनीय है कि लालगढ़ में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के विरोध में नक्सलियों ने पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार, उड़ीसा और झारखंड में 48 घंटे के बंद का आह्वान किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications