तीसरा मोर्चा विश्वसनीय विकल्प नहीं बन सका : करात
पार्टी की दो दिन तक चली केंद्रीय समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा में करात ने माना, "तीसरे मोर्चे का स्वरूप पूरे देश में नहीं था और न ही उसने कोई नीति या कार्यक्रम तय किए थे। वैकल्पिक सरकार बनाने का हमारा दावा भी जमीनी सच्चाई से परे था।"
उन्होंने कहा कि हालांकि गैर कांग्रेसी और गैर भाजपाई सरकार बनाने की उनकी रणनीति सही थी।
करात ने कहा, "गठबंधन को लेकर हमारा प्रयास कुछ राज्यों मसलन आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उड़ीसा और कर्नाटक तक ही सीमित रहा। हम इन चार राज्यों से बाहर नहीं निकल सके। इसलिए हम खुद को मजबूत विकल्प के रूप में प्रस्तुत नहीं कर पाए।"
उन्होंने कहा कि पिछले साल जुलाई महीने में केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने का वामपंथी दलों का रुख सही था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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