चीन के साथ गतिरोध दूर करने पर विचार कर रही है निर्वासित तिब्बती सरकार
निर्वासित तिब्बती सरकार के अंतर्राष्ट्रीय मामलों की सचिव सोनम एन. दाग्पो ने आईएएनएस से कहा, "हमने चीन के साथ गतिरोध दूर करने पर विचार किया है ताकि बातचीत की प्रक्रिया दोबारा पटरी पर वापस आ सके।"
दाग्पो ने कहा, "वर्ष 2008 के नवंबर महीने में हुई आठवें दौर की बातचीत के दौरान चीन और निष्कासित सरकार के बीच तिब्बती लोगों के लिए स्वायत्तता के मुद्दे पर हमारी तरफ से सौंपे गए ज्ञापन पर चीन और निर्वासित सरकार के बीच मतभेद उभर आए थे। चीन ने कोई कानूनी और बौद्धिक विवेचना किए बगैर उस ज्ञापन को खारिज कर दिया था।"
चीन और बौद्धों के धर्मगुरु दलाई लामा के बीच वर्ष 2002 से लेकर अब तक तिब्बत मसले के समाधान के लिए आठ दौर की बातचीत हो चुकी है।
आठवें दौर की बातचीत के बाद बातचीत का रास्ता लगभग बंद हो गया था। चीन का कहना है कि यदि तिब्ब्ती नेता बातचीत के प्रति गंभीर है और इस बात का भरोसा दिलाते हैं कि बातचीत का कोई परिणाम निकल सकता है तो दलाई लामा के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की जा सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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