लालगढ़ से भागे ग्रामीण, 3 नक्सली गिरफ्तार (राउंडअप)
सुरक्षा बलों ने अपने अभियान के चौथे दिन तलाशी के दौरान तीन नक्सलियों को बेलपहाड़ी थाना क्षेत्र के चकाडोबा गांव से तीन नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया। इस गांव में शनिवार से ही छिटपुट झड़पें हो रही थीं।
कोलकाता में पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) राज कनौजिया ने आईएएनएस से कहा कि गिरफ्तार नक्सलियों के पास से बड़ी मात्रा में माओवादी साहित्य और अन्य सामान बरामद किए गए हैं।
कनौजिया ने कहा कि चकडोवा गांव में नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया। उसके हाथों में मामूली चोटें आई हैं। एक अन्य जवान गर्मी की वजह से बीमार हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लू लगने की वजह से शनिवार को एक जवान की मौत हो गई थी।
इस बीच बुद्धिजीवियों के एक समूह ने लालगढ़ का दौरा किया और आरोप लगाया कि तलाशी के नाम पर महिलाओं और बच्चों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
पश्चिमी मिदनापुर जिले में स्थित लालगढ़ से नक्सलियों को खदेड़ने के लिए राज्य सरकार चार दिनों से अभियान चला रही है। केंद्र और राज्य पुलिस बल द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा के लिए कोलकाता में वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक भी हुई।
इसी बीच तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और रेल मंत्री ममता बनर्जी ने दो केंद्रीय राज्य मंत्री मुकुल राय और शिशिर अधिकारी को मिदनापुर शहर जाने के लिए कहा है। लेकिन उन्हें माकपा कार्यकर्ताओं ने सलबोनी में रोक दिया।
उधर नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने रविवार को राजनीतिक नेताओं और गैरसरकारी संगठनों से अपील की है कि वे लालगढ़ में जाने की जोखिम न उठाए और सुरक्षा बलों को अपने तरीके से काम करने दें।
चिदंबरम ने एक बयान में कहा है, "लालगढ़ में स्थिति संवेदनशील है। वहां लगातार तनाव बना हुअा है। इसके अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने सोमवार को बंद का आह्वान किया है।"
उन्होंने कहा, "सुरक्षा बलों को बिना किसी व्यवधान के अपना काम करने देना चाहिए। इसलिए मैं सभी नागरिकों खासकर राजनीतिक नेताओं, गैरसरकारी संगठनों और अन्य लोगों से निवेदन करता हूं कि अशांत इलाके में न जाएं।"
चिदंबरम का बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले पश्चिम बंगाल के बुद्धिजीवियों का एक वर्ग लालगढ़ गया था और उसने वहां महिलाओं और बच्चों को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया था। नाट्यकर्मी सोनाली मित्रा ने इलाके का दौरा करने के बाद पत्रकारों से कहा, "हमने कुछ दूरवर्ती गांवों का दौरा किया और लोगों से बातचीत की। लोग खतरे में जी रहे हैं। वे बहुत डरे हुए हैं कि पुलिस उनकी पिटाई कर सकती है।"
उधर पश्चिम बंगाल सरकार ने भी केंद्र व राज्य के मंत्रियों, गैरसरकारी संगठनों, बुद्धिजीवियों और पत्रकारों से आग्रह किया कि वे अशांत लालगढ़ इलाके से दूर रहें। सरकार ने कहा है कि इलाके में नक्सली गतिविधियों के मद्देनजर सरकार ऐसे किसी भी व्यक्ति को सुरक्षा मुहैया करा पाने की स्थिति में नहीं है।
राज्य के मुख्य सचिव अशोक मोहन चक्रबर्ती ने यहां राज्य सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, "वहां केंद्रीय व राज्य स्तरीय सुरक्षा बल के जवान मौजूद हैं। लेकिन नक्सली गतिविधियों पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है। वहां स्थिति सामान्य नहीं है।"
लालगढ़ से नक्सलियों को निकाल बाहर करने के लिए जारी अभियान की प्रगति की निगरानी के लिए गठित कोर ग्रुप की बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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