उत्तर प्रदेश में कोयले पर आधारित दो ताप विद्युत संयंत्र लगेंगे
ओबरा सी नाम की इस परियोजना का विकास राज्य के सोनभद्र जिले में किया जाएगा। दोनों संयंत्रों में करीब 6,175 करोड़ रूपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना के लिए फंड जुटाने का जिम्मा राज्य सरकार के साथ साथ कुछ वित्तीय संस्थानों का भी होगा।
निगम के प्रबंध निदेशक आलोक टंडन ने आईएएनएस को बताया इस परियोजना के लिए 30 प्रतिशत हिस्सा शासकीय अंश पूंजी (प्रदेश सरकार) से और बाकी 70 फीसदी रकम दूसरी वित्तीय संस्थाओं या बैंकों से कर्ज के रूप में जुटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने होने में करीब चार से पांच साल का समय लगेगा।
अधिकारियों के मुताबिक इन परियोजनाओं के विकास के लिए निगम के पास 200 हेक्टेयर जमीन है और साथ ही उसे रिहंद बांध से 37 क्यूसेक पानी के इस्तेमाल का अधिकार भी मिला हुआ है। परियोजना के विकास के लिए चेंदीपाड़ा खदान से कोयले की आपूर्ति को लेकर भी गठजोड़ किया गया है।
गंभीर बिजली संकट से जूझ रहे उत्तर प्रदेश में वर्तमान में बिजली की मांग करीब 9,000 मेगावाट है जबकि राज्य सरकार के सभी संसाधनों से करीब 7500 मेगावाट बिजली उपलब्ध हो पाती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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