लालगढ़ की ओर लगातार आगे बढ़ रहे हैं सुरक्षा कर्मी (लीड-1)
पश्चिम मिदनापुर के जिलाधिकारी एन. एस. निगम ने शुक्रवार को आईएएनएस को बताया, "सुरक्षा बलों का अभियान तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। यह सही दिशा में है। आज कुछ ज्यादा प्रतिरोध नहीं देखने को मिला।"
उन्होंने कहा कि भीमपुर के निकट एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। वह कथित तौर पर लालगढ़ में नक्सलियों को सूचनाएं दे रहा था। इस क्षेत्र में नक्सली 'पीपुल्स कमिटी अगेंस्ट पुलिस एस्ट्रोसिटीज' (पीसीएपीए) को संगठित करने में सक्रिय हैं।
सुरक्षाबल इस बात को ध्यान में रखते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं कि कम से कम लोग हताहत हों। वे झिटका जंगल से चार किलोमीटर की दूरी तक पहुंच गए हैं। यह जंगल नक्सलियों का ठिकाना माना जाता है। सुरक्षा बलों की टुकड़ियां सरेंगा और झाड़ग्राम की ओर से भी आगे बढ़ रही हैं।
दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने शुक्रवार को कहा है कि लालगढ़ को नक्सलियों केकब्जे से मुक्त कराने में अभी वक्त लगेगा।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए चिदम्बरम ने कहा, "अभियान पूरा होने में अभी वक्त लगेगा। वास्तव में हमने जितनी उम्मीद की थी उससे अधिक वक्त लगेगा।"
उन्होंने कहा, "सुरक्षा बल लालगढ़ की ओर फूंक-फूंक कर कदम आगे बढ़ा रहे हैं। हम जनता से भी, खासकर जनजातीय समुदाय को आश्वस्त कर रहे हैं कि सुरक्षा बल उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। इसके लिए लाउड स्पीकरों और परचों का सहारा लिया जा रहा है।"
चिदम्बरम ने कहा, "उम्मीदों से परे कुछ न हो जाए, हमें इसके लिए भी तैयार रहना पड़ेगा, लेकिन मैं आश्वस्त हूं कि हमारा अभियान सफल होगा।"
लालगढ़ में चल रहे सैन्य अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए चिदम्बरम ने कहा, "पश्चिम बंगाल पुलिस ने अग्रिम मोर्चा संभाल रखा है और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान उसकी सहायता कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने उपयुक्त संख्या में पुलिस की तैनाती की है।"
इस अभियान के लिए 'युद्ध' शब्द को इस्तेमाल किए जाने पर आपत्ति जताते हुए चिदम्बरम ने कहा, "इसे युद्ध मत कहिए। सभी भारतीय हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) नाम की एक पार्टी है, जिसने हथियार थाम लिए है। लोकतंत्र में काम करने का यह तरीका नहीं है।"
उन्होंने कहा, "हम वहां की स्थिति से निपटने की कोशिश कर रहे हैं। हम वहां नागरिक शासन बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं।"
लालगढ़ की जनता की मांगों के बारे में पूछे जाने पर चिदम्बरम ने कहा, "यह तो राज्य सरकार का मामला है। यदि कोई इस संबंध में राज्य सरकार से वार्ता करने को इच्छुक है तो हमें उसे प्रोत्साहित करने में खुशी होगी।"
इस बीच खबर मिली है कि लालगढ़ में जारी सुरक्षाबलों की कार्रवाई को कवर करने आए पत्रकारों को नक्सलियों ने इलाके में घुसने से रोकने का प्रयास किया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक असॉल्ट राइफलों से लैस तकरीबन 25 नक्सलियों ने लालगढ़ की ओर जाने वाली सड़क को घेरकर पत्रकारों को रोक लिया और उन्हें गाड़ियों से उतारकर उनके मोबाइल फोन छीन लिए।
एक पत्रकार ने बताया कि नक्सलियों की यह मुहिम विकास नाम के नेता के नेतृत्व में चल रही थी। पीपुल्स कमिटी एगेंस्ट पुलिस एट्रोसिटीज (पीसीएपीए) के लगभग 100 नक्सली कार्यकर्ता इस मुहिम में शामिल थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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