सुरक्षाकर्मी लालगढ़ पहुंचे, 4 नक्सली ढेर (राउंडअप)
पुलिस ने कहा है कि मुठभेड़ के दौरान चार नक्सलियों को मार गिराया गया है, लेकिन शीर्ष नक्सली नेता के.कोटेश्वर राव ने पुलिस के इस दावे को झूठा बताया है।
उधर, मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने इलाके के हालात के बारे में नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गृह मंत्री पी.चिदंबरम और वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार नक्सलियों पर प्रतिबंध लगाने के सुझाव पर गंभीरता से विचार कर रही है।
दूसरी ओर मिदनापुर जिले के गोलतोर इलाके में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए बारूदी सुरंग विस्फोट में छह जवान घायल हो गए। इस बीच नक्सल प्रभावित लालगढ़ इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति स्थापित करने के लिए सुरक्षा बल लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) राज कनौजिया ने आईएएनएस से कहा कि गोलतोर में छह सुरक्षाकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं। यहां सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है।
लालगढ़ पुलिस थाने में एक आधार शिविर स्थापित करने के बाद अपने अभियान के तीसरे दिन राज्य के पुलिस उप महानिरीक्षक (मिदनापुर रेंज) प्रवीण कुमार ने कहा कि सुरक्षा बल के जवान पूरे अशांत इलाके में कानून का शासन कायम करेंगे।
नक्सलियों और जनजातीय संगठन पीपुल्स कमेटी अगेंस्ट पुलिस एट्रोसिटी (पीसीएपीए) ने लालगढ़ को एक 'आजाद क्षेत्र' घोषित किया है और पुलिस पिछले कुछ महीनों से अपनी सुरक्षा के डर से थाने के अंदर ही हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है।
लालगढ़ पुलिस थाने में एक संवाददाता सम्मेलन में प्रवीण कुमार ने कहा, "लालगढ़ पहुंचना इस कहानी का एक हिस्सा है। बाकी हिस्सा अभी पूरा होना बाकी है। हमारे पास अब एक सामरिक उपलब्धि है और यह उपलब्धि जाया नहीं होना चाहिए। हमारा मुख्य मकसद यह है कि इलाके में कानून का शासन स्थापित हो जाए।"
प्रवीण कुमार ने कहा कि यदि नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की तो उन्हें उन्हीं के तरीके से जवाब दिया जाएगा।
प्रवीण कुमार ने कहा कि उन्हें उन तमाम स्थानीय लोगों और कई राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला है जो अभी तक नक्सलियों और पीसीएपीए का समर्थन करते रहे हैं।
यह पूछे जाने पर कि सुरक्षा बलों को जिला मुख्यालय मिदनापुर से मात्र 39 किलोमीटर दूर लालगढ़ पहुंचने में तीन दिन क्यों लग गए, इस पर उन्होंने कहा कि वह एक रणनीतिक निर्णय था।
इसके पहले अभियान आरंभ होने के तीसरे दिन सुरक्षा बल के जवान एक जंगल से गुजरते हुए पांच किलोमीटर की दूरी तय करके शनिवार को नक्सलवादियों के गढ़ लालगढ़ ब्लाक मुख्यालय पहुंचे।
शुक्रवार को नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों का कड़ा प्रतिरोध किए जाने और बारूदी सुरंगों के विस्फोट के कारण सजग सुरक्षा बलों ने आगे बढ़ने में पूरी सतर्कता बरती। उन्होंने पश्चिमी मिदनापुर जिले में स्थित इस इलाके के रास्ते में पड़ने वाले झिटका जंगल में तलाशी अभियान भी चलाया।
लालगढ़ पुलिस स्टेशन पहुंचने वाले सुरक्षा बलों में सीआरपीएफ के नक्सली विरोधी विशेष कमांडो दस्ते "कोबरा" के जवान भी शामिल हैं। पिछले छह महीने से लालगढ़ पुलिस स्टेशन में कामकाज ठप था।
जिला पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में शनिवार को पुलिस दल ने थाने में कार्यभार संभाला। नक्सलियों की उपस्थिति, हथियारों और विस्फोटकों का पता लगाने के लिए कुछ सुरक्षा बलों को अभी भी जंगल में बनाए रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि लालगढ़ मसला तब से उबल रहा था जब पिछले नवंबर में मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री रामविलास तथा जितिन प्रसाद के काफिले के मार्ग में बारूदी सुरंग विस्फोट हुआ था।
दूसरी ओर आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने कहा है कि लालगढ़ के नक्सली बातचीत के इच्छुक हैं, बशर्ते पानी और बिजली संबंधी उनकी मूल मांगे मान ली जाएं।
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने शुक्रवार को नक्सली नेता चंद्रधर महतो से बातचीत की थी और उनसे हथियार डालने के लिए कहा था। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि लालगढ़ में नक्सली बिजली, पानी, स्थानीय भाषा में विद्यालय, हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा और उनके खिलाफ चल रहे मामलों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं।
श्री श्री रविशंकर ने नक्सलियों की मांग से केंद्रीय गृहमंत्री और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को अवगत कराया। बयान में कहा गया है कि श्री श्री रविशंकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से भी संपर्क बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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