शिवशंकर मेनन का नेपाल दौरा आरंभ
मेनन के इस दौरे को नेपाल की सबसे पुरानी और बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस से जोड़कर भी देखा जा रहा है क्योंकि नेतृत्व तय करने के लिए पार्टी में आंतरिक चुनाव कराए जा रहे हैं।
भारतीय विदेश सचिव का दौरा उस समय हो रहा है तब माओवादी सरकार से अलग हो चुके हैं और उन्होंने नेपाल में अस्थिरता के लिए भारत को जिम्मेदार बताया है।
माओवादियों ने नई सरकार द्वारा सेना प्रमुख जनरल रूकमंगुद कटवाल की बर्खास्तगी संबंधी आदेश को निरस्त किए जाने के खिलाफ शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। माओवादियों ने नेपाल में राष्ट्रपति के नेतृत्व वाले तंत्र की वकालत की है जबकि माना जा रहा है कि भारत इस पर असहमत है।
मेनन की यात्रा इस नजरिए से भी अहम है कि नई सरकार और तराई के दलों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए वह मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं। तराई के दल भारत के निकट माने जाते हैं।
मेनन के साथ भारतीय विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (उत्तर) सतीश मेहता भी नेपाल पहुंचे हैं। विदेश सचिव नेपाली प्रधानमंत्री माधव नेपाल, राष्ट्रपति रामबरन यादव और माओवादी नेता प्रचंड से मुलाकात करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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