लालगढ़ में कानून का शासन कायम होगा : पुलिस (लीड-1)

लालगढ़ पुलिस थाने में एक आधार शिविर स्थापित करने के बाद अपने अभियान के तीसरे दिन राज्य के पुलिस उप महानिरीक्षक (मिदनापुर रेंज) प्रवीण कुमार ने कहा कि सुरक्षा बल के जवान पूरे अशांत इलाके में कानून का शासन कायम करेंगे।

नक्सलियों और जनजातीय संगठन पीपुल्स कमेटी अगेंस्ट पुलिस एट्रोसिटी (पीसीएपीए) ने लालगढ़ को एक 'आजाद क्षेत्र' घोषित किया है और पुलिस पिछले कुछ महीनों से अपनी सुरक्षा के डर से थाने के अंदर ही हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है।

प्रवीण कुमार ने कहा कि जिन नक्सलियों और पीसीएपीए नेताओं के ऊपर मामले हैं उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

लालगढ़ पुलिस थाने में एक संवाददाता सम्मेलन में प्रवीण कुमार ने कहा, "लालगढ़ पहुंचना इस कहानी का एक हिस्सा है। बाकी हिस्सा अभी पूरा होना बाकी है। हमारे पास अब एक सामरिक उपलब्धि है और यह उपलब्धि जाया नहीं होना चाहिए। हमारा मुख्य मकसद यह है कि इलाके में कानून का शासन स्थापित हो जाए।"

लालगढ़ पहुंचने जैसे प्राथमिक लक्ष्य को हासिल करने में सामरिक मदद देने के लिए केंद्रीय बलों को धन्यवाद देते हुए प्रवीण कुमार ने कहा, "हमारे सुरक्षा बलों ने लगातार 36 घंटे तक अभियान चलाया। इसके लिए उन्हें सड़क पर ही सोना पड़ा है।"

प्रवीण कुमार ने आगे कहा कि यदि नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की तो उन्हें उन्हीं के तरीके से जवाब दिया जाएगा और गिरफ्तार कर जेलों बंद कर दिया जाएगा।

प्रवीण कुमार ने कहा कि उन्हें उन तमाम स्थानीय लोगों और कई राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला है जो अभी तक नक्सलियों और पीसीएपीए का समर्थन करते रहे हैं।

यह पूछे जाने पर कि सुरक्षा बलों को जिला मुख्यालय मिदनापुर से मात्र 39 किलोमीटर दूर लालगढ़ पहुंचने में तीन दिन क्यों लग गए, इस पर उन्होंने कहा कि वह एक रणनीतिक निर्णय था।

प्रवीण कुमार ने कहा कि सुरक्षा बल के जवान अब गांवों में प्रशासनिक मशीनरी स्थापित करेंगे, लेकिन इस बात का पूरा ख्याल रखा जाएगा कि इस दौरान आम आदमी को कोई नुकसान न पहुंचे।

इसके पहले अभियान आरंभ होने के तीसरे दिन सुरक्षा बल के जवान एक जंगल से गुजरते हुए पांच किलोमीटर की दूरी तय करके शनिवार को नक्सलवादियों के गढ़ लालगढ़ ब्लाक मुख्यालय पहुंचे।

शुक्रवार को नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों का कड़ा प्रतिरोध किए जाने और बारूदी सुरंगों के विस्फोट के कारण सजग सुरक्षा बलों ने आगे बढ़ने में पूरी सतर्कता बरती। उन्होंने पश्चिमी मिदनापुर जिले में स्थित इस इलाके के रास्ते में पड़ने वाले झिटका जंगल में तलाशी अभियान भी चलाया।

लालगढ़ पुलिस स्टेशन पहुंचने वाले सुरक्षा बलों में सीआरपीएफ के नक्सली विरोधी विशेष कमांडो दस्ते "कोबरा" के जवान भी शामिल हैं। पिछले छह महीने से लालगढ़ पुलिस स्टेशन में कामकाज ठप था।

अपनी सुरक्षा के लिए थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने उपद्रव आरंभ होने के बाद पिछले नवंबर से थाने को अंदर से बंद रखना आरंभ कर दिया था।

जिला पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में शनिवार को पुलिस दल ने थाने में कार्यभार संभाला। नक्सलियों की उपस्थिति, हथियारों और विस्फोटकों का पता लगाने के लिए कुछ सुरक्षा बलों को अभी भी जंगल में बनाए रखा गया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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