लालगढ़ में आगे बढ़े सैन्य जवान
बहरहाल शीर्ष विद्रोही नेता के.कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी ने पश्चिम बंगाल सरकार से अभियान को रोकने का आग्रह करने के साथ ही वार्ता आरंभ करने के लिए जनता से माफी मांगी है।
शुक्रवार को नक्सलियों के सुरक्षा बलों का कड़ा प्रतिरोध करने और बारूदी सुरंगों के विस्फोट के साथ ही भारी मुठभेड़ में उलझने से सजग केंद्रीय और राज्य सरकार के सुरक्षा बलों ने आगे बढ़ने में भारी सतर्कता बरती। उन्होंने पश्चिमी मिदनापुर जिले में स्थित इस इलाके के रास्ते में पड़ने वाले झिटका जंगल में तलाशी अभियान भी चलाया।
एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल,सीमा सुरक्षा बल और राज्य सशस्त्र पुलिस बल के जवानों का पहला दस्ता अपने आधार शिविर भीमपुर से चलकर लालगढ़ पुलिस स्टेशन पहुंच चुका है।
लालगढ़ पुलिस स्टेशन पहुंचने वाले सुरक्षा बलों में सीआरपीएफ के नक्सली विरोधी विशेष कमांडो दस्ते "कोबरा" के जवान भी शामिल हैं। पिछले छह महीने से लालगढ़ पुलिस स्टेशन में कामकाज ठप था।
अपनी सुरक्षा के लिए थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने उपद्रव आरंभ होने के बाद पिछले नवंबर से थाने को अंदर से बंद रखना आरंभ कर दिया था।
जिला पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में शनिवार को पुलिस दल ने थाने में कार्यभार संभाला। नक्सलियों की उपस्थिति,हथियारों और विस्फोटकों का पता लगाने के लिए कुछ सुरक्षा बलों को अभी भी जंगल में बनाए रखा गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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