ईरान: ख़ामनेई ने दी चेतावनी

उन्होंने इन चुनावों को सही ठहराते हुए राष्ट्रपति अहमदीनेजाद का पूरी समर्थन किया है. बीबीसी के तेहरान संवाददाता का कहना है कि यह एक संकेत है कि चुनावों के नतीजों के बारे में समझौता नहीं होगा.
ग़ौरतलब है कि ईरान में 12 जून को राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनावों में अहमदीनेजाद को दो-तिहाई मतों से विजयी घोषित किया गया था. विपक्ष ने धाँधली का आरोप लगाते हुए दोबारा चुनाव कराए जाने की माँग की थी और विरोध प्रदर्शन शुरु हो गए थे.
पहला सार्वजनिक संबोधन
तेहरान में शुक्रवार को नमाज़-ए-जुमा के मौक़े पर इस विवाद पर अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में आयतुल्ला अली ख़ामनेई ने आम जनता से प्रदर्शनों को ख़त्म करने के साथ-साथ शांति कायम करने की अपील की है.
चुनावों में लोगों की भागीदारी से स्पष्ट होता है कि ईरान की जनता ख़ुशी और सुकून से जीवन गुज़ार रही है और यही वजह है कि उन्होंने चुनावों में बड़ी तादाद में हिस्सा लिया. चुनाव नतीजे सही हैं और जिन्हें इस पर शक है वो अदालत जा सकते हैं आयतुल्ला अली ख़ामनेई
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उन्होंने चेतावनी दी कि लोग क़ानून के दायरे में रहें. इस मौक़े पर उन्होंने पश्चिमी देशों के मीडिया की भी आलोचना की है.
अपने संबोधन के दौरान ख़ामनेई ने कहा है कि इस्लामी देश चुनावों में धाँधली नहीं करते और चुनाव में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों को ये बात पता है.
ख़ामनेई ने कहा, "चुनावों के नतीजे सही हैं और जिन्हें इस पर शक है वो अदालत जा सकते हैं."
उनका कहना था, "चुनावों में लोगों की भागीदारी से स्पष्ट होता है कि ईरान की जनता ख़ुशी और सुकून से जीवन गुज़ार रही है और यही वजह है कि उन्होंने चुनावों में बड़ी तादाद में हिस्सा लिया."
ख़ामनेई ने राष्ट्रपति पद के चारों उम्मीदवारों की बात करते हुए कहा कि 'ये चुनाव देश के अंदर का मुक़ाबला था और देश के समर्थक या विरोधी उम्मीदवारों के बीच का मुक़ाबला नहीं था.'
उन्होंने राष्ट्रपति अहमदीनेजाद का समर्थन करते हुए कहा कि विदेश नीति और समाजिक कल्याण के मामले में उनका और राष्ट्रपति का नज़रिया लगभग एक समान है.


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