कार्यपालक अभियंता का शव पटना पहुंचते ही लोग सड़कों पर उतरे
पटना, 19 जून (आईएएनएस)। बिहार के सीतामढ़ी जिले के पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता योगेन्द्र पांडेय का शव शुक्रवार को उनके पटना स्थित आवास पर पहुंचते ही आक्रोशित लोगों ने पटना के व्यस्ततम बेली रोड को जाम कर दिया। इस बीच, योगेन्द्र के परिजनों का कहना है कि योगेन्द्र ने आत्महत्या नहीं की है बल्कि उनकी हत्या की गई है।
योगेन्द्र पांडेय का शव आज जैसे ही उनके निवास स्थल पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र के आईएएस कॉलोनी में पहुंचा वहां का माहौल गमगीन हो गया। इस घटना से आक्रोशित लोगों ने बेली रोड जाम कर दिया तथा सड़कों पर टायर जलाए। इस जाम से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पटना के नगर पुलिस अधीक्षक अनवर हुसैन ने बताया कि जामस्थल पर स्थिति तनावपूर्ण मगर नियंत्रण में है।
योगेन्द्र पांडेय की पत्नी वीणा देवी का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं वरन हत्या का मामला है। उन्होंने कहा कि पिछले छह जून को सीतामढ़ी में किशोर सिंह नामक एक ठेकेदार ने उनके कार्यालय में उनके साथ मारपीट की थी तथा उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद उन्होंने सीतामढ़ी के जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा की मांग की थी परंतु उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई। इसके एवज में उन्हें प्रताड़ित किया गया। उन्होंने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
सीतामढ़ी के अभियंता संघ के महासचिव प्रेमनाथ मिश्रा ने शुक्रवार को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर जांच नहीं होती है तो अभियंता संघ आंदोलनात्मक कार्रवाई करेगी।
उल्लेखनीय है कि योगेन्द्र पांडेय ने गुरुवार को सीतामढ़ी जिले के जिलाधिकारी कार्यालय भवन के तीन मंजिली इमारत से कूदकर कथित तौर पर अपनी जान दे दी थी।
पुलिस के अनुसार उनकी जेब से पुलिस ने एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है जिसमें लिखा था, "मैं विभाग में काम करने के लायक नहीं हूं। विभाग भी मुझे नाकाम अधिकारी समझता है, इस कारण मुझे जीने का हक नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications