मध्य प्रदेश में बनी नगर विकास की योजना
भोपाल 19 जून (आईएएनएस) मध्य प्रदेश में नगरों का विकास व्यवस्थित तरीके से हो इसके लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने नगर विकास योजना (सिडीपी) तैयार की है। इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए देश के ऐसे विशेषज्ञों और सलाहकारों की मदद ली जाएगी जो राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर इस तरह की योजनाओं को पूर्व में तैयार कर चुके हैं।
प्रदेश में कुल 341 नगरीय निकाय हैं जिनमें 14 नगर निगम, 88 नगर पालिका और 239 नगर पंचायत हैं। इनके लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने सीडीपी तैयार किया है। प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर ने शुक्रवार को इस योजना का संवाददाता सम्मेलन में खुलासा किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने बगैर किसी मापदंड के राजनीतिक लाभ के लिए नगर निगमों का गठन कर दिया। यही कारण है कि 26 लाख की आबादी वाले तीन और नगरों को नगर निगम का दर्जा मिल गया है।
गौर ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि नगरीय निकायों का सुनियोजित तरीके से विकास सुनिश्चित हो। इसी को ध्यान में रखकर यह योजना तैयार की गई है। पूर्व में भोपाल, जबलपुर, इन्दौर, उज्जैन और ग्वालियर का सीडीपी तैयार किया गया था और अब पूरे प्रदेश के नगरीय निकायों का सीडीपी बनाया जाएगा। इसके तहत नगरीय निकायों का नया ढांचा बनेगा, अधिकारियों और कर्मचारियों का ड्रेस कोड होगा, रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था पर अमल होगा और अधिकारी सुबह के वक्त नगर का भ्रमण करेंगे।
भोपाल और इन्दौर के बीच मेट्रो रेल चलाए जाने के लिए चल रहे प्रयासों का भी गौर ने ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि मेट्रो रेल के शुरू होने से भोपाल और इन्दौर के बीच यातायात सुगम और प्रदूषण मुक्त होगा। दुर्घटना की आशंका भी कम रहेगी। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले एक दशक में लोग मेट्रो रेल की यात्रा का लाभ ले सकेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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