गुजकोका वापस करने के लिए राष्ट्रपति से सिफारिश (लीड-1)
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक के बाद चिदम्बरम ने संवाददाताओं से चर्चा में कहा, "कैबिनेट की बैठक में आज यह मामला आया। चर्चा के बाद तय हुआ कि इस कानून में तीन संशोधनों के लिए इसे गुजरात सरकार को वापस भेजने की राष्ट्रपति से सिफारिश की जाए।"
उन्होंने कहा, "गुजकोका में एक यह प्रावधान है कि पुलिस अधिकारी के सामने दिया इकबालिया बयान अदालत में भी मान्य होगा। जबकिऐसा नहीं होना चाहिए।"
चिदंबरम ने कहा, "इस अधिनियम के एक अनुच्छेद में कहा गया है कि अगर सरकारी वकील ने विरोध किया तो अदालत जमानत नहीं दे सकती। जबकि अदालत के पास जमानत देने का अधिकार होना चाहिए।"
गृह मंत्री ने इस अधिनियम की धारा 20(2) में संशोधन की बात कही। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस धारा में किस बात का उल्लेख है।
चिदंबरम ने कहा, "एक बार इन संशोधनों के पूरा हो जाने पर मंत्रिमंडल इसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजने की स्थिति में पहुंच जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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