केंद्र सरकार ने वापस लौटाया गुजकोका

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद शुक्रवार को गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, "गुजकोका में एक यह प्रावधान है कि पुलिस अधिकारी के सामने दिया इकबालिया बयान अदालत में भी मान्य होगा। जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए।"
वकील के विरोध पर जमानत नहीं
चिदंबरम ने कहा, "इस अधिनियम के एक अनुच्छेद में कहा गया है कि अगर सरकारी वकील ने विरोध किया तो अदालत जमानत नहीं दे सकती। जबकि अदालत के पास जमानत देने का अधिकार होना चाहिए।"
गृह मंत्री ने इस अधिनियम की धारा 20(2) में संशोधन की बात कही। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस धारा में किस बात का उल्लेख है। चिदंबरम ने कहा, "एक बार इन संशोधनों के पूरा हो जाने पर मंत्रिमंडल इसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजने की स्थिति में पहुंच जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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