बारूदी सुरंग विस्फोट: नौ पुलिसकर्मियों की मौत

यह दुर्घटना गुरुवार की सुबह नौ बजे दक्षिणी उड़ीसा के कोरापट ज़िले के पालुर गाँव के पास हुई. इस इलाक़े को माओवादियों के प्रभाव वाल माना जाता है.
पुलिस की गाड़ी बारूदी सुरंग से टकराते ही हवा में टुकड़े-टुकड़े हो कर बिखर गई और उसमें सवार सारे लोग मारे गए जिनमें गाड़ी का ड्राईवर भी शामिल था.
पुलिसकर्मी नारायणपटना जा रहे थे जहाँ पिछले दो सप्ताह से भी अधिक समय से माओवादियों ने दहशत फैला रखी है.
उन पुलिसकर्मियों के शवों को लेने गई अर्द्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी पर पालुर के पास घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर पहले माओवादियों ने गोली चलाई.
आख़िरी ख़बरें आने तक माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण लड़ाई जारी थी.
नुक़सान
हाल के वर्षों में माओवादियों के ख़िलाफ़ लड़ाई में सुरक्षा बलों को काफ़ी नुक़सान उठाना पड़ा है. पिछले हफ़्ते ही एक पुलिस अधिकारी को पश्चिमी उड़ीसा के संभलपुर ज़िले में माओवादियों के विरुद्ध संघर्ष में जान से हाथ धोना पड़ा था.
माओवादियों से बुरी तरह प्रभावित मलकानगिरी ज़िले में पिछले साल जुलाई के महीने में 14 पुलिसकर्मी बारूदी सुरंग के एक ज़बर्दस्त धमाके में मारे गए थे.
उस घटना से दो सप्ताह पहले सेना के विशेष रूप से प्रशिक्षित सदस्य जिन्हें ग्रे-हाउंड कहा जाता है, उसके 37 सदस्यों को माओवादियों ने मलकानगिरी ज़िले के 40 फ़ीट गहरे कुंड में मोर्टार गोलाबारी में मार दिया था.


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