चित्रकूट में मुठभेड़ जारी,3 जवान शहीद
दो दिन से चित्रकूट का जमौली गांव छावनी में तब्दील हो चुका है। डकैत घनश्याम केवट अभी भी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। बृजलाल ने कल देर शाम मौके पर जाकर खुद मोर्चा संभाल लिया। डकैत गांव के किस मकान में छुपे हैं और उनकी संख्या कितनी है, पुलिस को यह पता नहीं चल पाया है।
गुरुवार को मौके पर जेसीबी मशीन मंगवाई गई है ताकि पता चलते ही उस मकान को तोड़ दिया जाए, जिसमें डकैत छिपे हैं। मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मियों के शहीद होने के साथ ही पीएसी के आईजी बी.के.गुप्ता और चित्रकूट क्षेत्र के डीआईजी सुशील कुमार सिंह सहित करीब 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह ने लखनऊ में संवाददाताओं को बताया कि डकैत घनश्याम केवट और उसका गिरोह भारी मात्रा में हथियारों से लैस है। डकैत जमौली गांव के मकानों में घुसे हुए हैं और पुलिस को चकमा देने के लिए बार-बार अपना स्थान बदल रहे हैं, जिस कारण पुलिस को मुश्किल हो रही है।
पुलिस के अनुसार 50,000 रूपये के इनामी डकैत घनश्याम केवट का बुंदेलखंड क्षेत्र के करीब 10 जिलों में भय व्याप्त है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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