लालगढ़ में सुरक्षा बलों ने शुरू की कार्रवाई (लीड-1)
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस कार्रवाई के दौरान दो विद्रोहियों और सुरक्षा बलों को रास्ता दिखा रहे एक लेंसमैन को चोटें आई हैं। लेकिन पुलिस की ओर से इस खबर की पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा बल के जवानों के मालिदा में नक्सलियों द्वारा खड़ी की गई मानव ढाल के पास पहुंचने के थोड़ी ही देर बाद तीर-धनुष, कुल्हाड़ी और लाठी जैसे पारंपरिक हथियारों से लैस सैकड़ों जनजातियों ने पेड़ों को काट कर रास्ते को अवरुद्ध कर दिया और इंकलाब जिंदाबाद व माओवाद जिंदाबाद के नारे लगाने लगे।
पुलिस ने लाउडस्पीकर के जरिए प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि वे रास्ते को खाली कर दें, लेकिन मानव ढाल के रूप में खड़े लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। इसके बाद सुरक्षा बलों ने पेड़ों को हटाना शुरू किया। इसी दौरान उन्होंने दो नक्सलियों को पास के खेत में दो राइफलों के साथ देखा। इसके बाद सुरक्षा बल के जवानों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया और नक्सली वहां से भाग खड़े हुए।
पुलिस ने लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले दागना शुरू कर दिया और प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया। पत्रकारों के साथ चल रहे एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "हम देखते हैं कि गुरुवार को कितना आगे तक बढ़ पाते हैं। हमारा लक्ष्य लालगढ़ पुलिस स्टेशन पर पहुंचना है।"
पुलिस ने अपना 'ऑपरेशन लालगढ़' शुरू करने के पहले कुछ घरों में तलाशी ली और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया।
इसके पहले राज्य के पुलिस महानिरीक्षक राज कनोजिया ने आईएएनएस को बताया कि सुरक्षा बलों को सुबह ही लालगढ़ की ओर रवाना किया जा चुका है। नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई कब शुरू की जाएगी, इस संबंध में उन्होंने कहा, "वहां हमारे अपने आदमी हैं। वे ही उचित समय पर निर्णय लेंगे।"
एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया, "नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए हम तैयार हैं। हम आदेश का इंतजार कर रहे हैं।"
मिदनापुर शहर से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की पांच कंपनियां और कोबरा फोर्स की दो कंपनियां यहां पहुंच चुकी हैं।
दूसरी ओर लालगढ़ क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के तीन कार्यकर्ताओं की हत्या के बाद झारखंड में पश्चिम बंगाल से सटे क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
झारखंड पुलिस को संदेह है कि लालगढ़ में अर्धसैनिक बलों की कार्रवाई शुरु होने के बाद नक्सली राज्य में दाखिल हो सकते हैं।
पुलिस प्रवक्ता एस.एन. प्रधान ने आईएएनएस को बताया, "हमने सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। हम पश्चिम बंगाल की पुलिस के संपर्क में हैं।"
पिछले सप्ताह नक्सलियों ने पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो और पलामू जिलों में 28 सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications