50 घंटे की मुठभेड़ के बाद मारा गया डाकू घनश्याम केवट (लीड-1)
चित्रकूट जिले के जमौली गांव के एक मकान में डाकू घनश्याम छिपा हुआ था। पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर ली थी। पुलिस से खुद को घिरा देख घनश्याम उस मकान की दूसरी मंजिल से कूदकर जंगलों की तरफ भाग गया।
करीब 500 पुलिसकर्मयिों को चमका देकर वहां से फरार हुआ डाकू घनश्याम जंगल में एक नाले में जाकर छुपा बैठा था। पुलिसकर्मियों ने उसे वहां भी चारों तरफ से घेर लिया और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने डकैत घनश्याम की मौत की पुष्टि कर दी है।
पुलिस कर्मियों ने घनश्याम का पीछा करते हुए उसकी घेराबंदी करके उसे मार गिराने में सफलता पाई। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) बृजलाल के नेतृत्व में विशेष कार्रवाई दस्ते (एसटीएफ), प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) के करीब 500 पुलिसकर्मी डकैत से मुकाबला कर रहे थे।
दो दिनों तक चली इस मुठभेड़ में गुरुवार को एक और पुलिसकर्मी सहित कुल चार पुलिस पुलिसकर्मी शहीद हुए जबकि दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित कुल दस पुलिसकर्मी घायल हो गये।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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