'आतंकवाद को कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता'
यह आह्वान अमेरिका-भारत आतंकवाद निरोधक संयुक्त कार्यदल की बैठक के बाद जारी साझा वक्तव्य में किया गया। इस बैठक में आतंकवाद से निपटने के लिए वैश्विक प्रयासों के समन्वयन के बारे में विचार-विमर्श किया गया।
बयान में कहा गया , "भारत और अमेरिका ने आतंकवाद को लोकतंत्र, अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा करार देते हुए उसके हर प्रकार की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं"
बयान में कहा गया है कि आतंकवाद की किसी भी घटना को कतई न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता। उसमें कहा गया है,"अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए यह जरूरी है कि वह एकजुट होकर आतंकवाद का मुकाबला दीर्घकालिक, सतत और व्यापक तरीके से करे। "
भारत और अमेरिका ने सभी देशों से आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में सितंबर 2006 में तय की गई रणनीति के मुताबिक अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करने को कहा।
भारतीय दल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के विशेष सचिव विवेक काटजू ने किया, जबकि अमेरिकी दल की अगुवाई आतंकवाद निरोधक मसलों से संबद्ध विदेश मंत्री के समन्वयक डेनियल बेंजामिन ने किया।
इस दौरान आतंकवाद की चुनौती, तकनीकी तरक्की के माध्यम से आतंकवाद का मुकाबला करने और आतंकवाद से निपटने में भारत तथा अमेरिका के बीच सहयोग आदि मसलों पर चर्चा की गई।
संयुक्त कार्यदल की अगली बैठक भारत में दोनों पक्षों की सुविधा के मुताबिक होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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