अमरीका ने मुलाक़ात का स्वागत किया

अमरीका ने डॉक्टर मनमोहन सिंह और आसिफ़ अली ज़रदारी के बीच हुई मुलाक़ात का स्वागत करते हुए इसे उत्साहजनक बताया है. मुंबई में 26 नवंबर को हुए हमलों के बाद से दोनों नेताओं के बीच ये पहली बैठक थी जो रूस के यकतरीनबर्ग शहर में हुई.
वहाँ दोनों नेता शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में पर्यवेक्षकों के रूप में मौजूद थे. डॉक्टर सिंह अब वहाँ ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन के एक सम्मेलन में भाग ले रहे हैं.
अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता इयन केली ने इस मुलाक़ात के बारे में कहा, "अमरीका ने भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत और बेहतर संबंधों का हमेशा से स्वागत किया है. मगर साथ ही बातचीत की गति, उसके दायरे और उसके तौर-तरीक़े के बारे में भारतीय और पाकिस्तानी नेता ही तय कर सकते हैं."
अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता इयन केली ने इस बारे में बयान दिया. केली का कहना था कि बातचीत कब और कैसे शुरू की जाए ये उन दोनों देशों के बीच की बात है.
उन्होंने कहा, "नवंबर में मुंबई में हुए हमलों के बाद इस तरह का उच्च-स्तरीय संपर्क काफ़ी उत्साहजनक है. हमने पहले भी कहा है कि भारत और पाकिस्तान को आतंकवाद के विरुद्ध साझा रास्ता निकालने और राजनीतिक स्थायित्व के लिए बातचीत जारी रखनी चाहिए."
वैसे इस मुलाक़ात के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने एक बार फिर आतंकवाद का मुद्दा उठाया और कहा, "मैं आपसे मिलकर ख़ुश हूँ लेकिन मेरी ये ज़िम्मेदारी है कि मैं आपको बता दूँ कि पाकिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं होना चाहिए." दोनों देश विदेश सचिव स्तर की बातचीत शुरू करने पर राज़ी हो गए हैं.


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