पहले ही मिली थी 26/11 की चेतावनी

यह बात महाराष्ट्र सरकार ने अपनी एक रिपोर्ट में कही। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमले के तीन महीने पहले ही ताज व ओबेराय होटलों को इस तरह के हमले के प्रति चेताया जा चुका था, लेकिन होटलों के प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।
विधानसभा में पेश हुई रिपोर्ट
हमलों के पीछे खामियों की जांच के लिए पूर्व गृह सचिव राम प्रधान व पूर्व उप सचिव वी बालाचंद्रन के नेतृत्व में बनायी गई कमेटी की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार ने कहा है कि ताज महल पैलेस और टॉवर होटल, होटल ट्राइडेंट-ओबेराय और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को इस तरह के हमले की पहली चेतावनी 9 अगस्त 2008 को दी गई थी। रिपोर्ट विधानसभा में मंगलवार को प्रस्तुत की गई।
खुफिया विभाग की चेतावनियों को बहुत गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने इन स्थलों का दौरा भी किया था और उन स्थलों के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की थी।
पहले से था लश्कर पर शक
मैरीन लाइन्स पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इलाके में स्थित अन्य होटलों, माल्स और महत्वपूर्ण व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी इस तरह की चेतावनी दी थी। सरकार ने कहा है कि 9 सितंबर 2008 को एक केंद्रीय खुफिया एजेंसी ने यहां सुरक्षा एजेंसियों को खासतौर से सूचना दी थी कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा होटल ताज को निशाना बनाने वाला है।
रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने इस सूचना के बारे में होटल को अवगत करा दिया था और पुलिस के एक दल ने पांच दिनों बाद होटल का दौरा भी किया था। पुलिस होटल के प्रबंधक करमवीर कांत से मुलाकात की थी और अगले दिन उनसे दोबारा मुलाकात की थी। इसके बाद भी होटल ने पुलिस और खुफिया विभाग की चेतावनियों को दरकिनार कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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