दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 9000 छात्रों पर महज एक परामर्शदाता
ऐसे ही कुछ परामर्शदाताओं ने आईएएनएस से बातचीत में छात्रों के भविष्य के प्रति अपनी चिंता जताई। इन परामर्शदाताओं का कहना है कि छात्रों में बढ़ती व्यावहारिक समस्याओं के लिए दिल्ली सरकार के स्कूलों पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है।
दिल्ली सरकार की अवकाशप्राप्त परामर्शदाता नीला लक्श ने आईएएनएस से कहा, "सेंट्रल ब्यूरो ऑफ ऐडुकेशन एंड वोकेशनल गाइडेंस (सीबीईवीजी) ने इस मामले में बड़ा ही गैरजिम्मेदाराना रुख अख्तियार कर रखा है और यह उसकी प्राथमिकताओं में भी नहीं है।"
उन्होंने कहा, "सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में तो इजाफा हुआ है लेकिन उसके अनुपात में परामर्शदाताओं की संख्या नहीं बढ़ी। हालांकि अभी भी कई पद खाली हैं लेकिन नियुक्तियां नहीं हो रही हैं।"
लक्श ने कहा, "वस्तुत: सीबीईवीजी का वजूद ही नहीं है और शिक्षा विभाग में भी कोई इस बारे में दिलचस्पी नहीं ले रहा है।"
दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय के मुताबिक वर्ष 2008-09 में 926 स्कूलों के लिए 107 परामर्शदाता थे। इन स्कूलों में लगभग 950,000 पंजीकृत छात्र हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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