पश्चिम बंगाल में नक्सलियों ने 3 माकपा कार्यकर्ताओं की हत्या की (लीड-1)
ताजा घटना को नक्सलियों द्वारा लालगढ़ इलाके में अपने आधार को मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले हफ्ते से लेकर अब तक सात माकपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है और छह अन्य लापता हैं।
पुलिस के मुताबिक पश्चिम मिदनापुर जिले के झाड़ग्राम उपमंडल के बाधाशुली में मोटरसाइकिल पर सवार संदिग्ध नक्सलियों ने माकपा कार्यकर्ताओं को गोली मार दी। मारे गए लोगों में माकपा की छात्र इकाई 'स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया' की क्षेत्रीय समिति का एक सदस्य भी है।
राज्य पुलिस प्रमुख सुजीत सरकार और गृह सचिव अर्धेदु सेन स्थिति का जायजा लेने जिला मुख्यालय पहुंच गए हैं।
यह घटना उस समय हुई जब लालगढ़ इलाके में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान पहुंच चुके हैं। इस इलाके में 'पीपुल्स कमिटी अगेंस्ट पुलिस एस्ट्रोसिटीज' (पीसीएपीए) और नक्सलियों ने कब्जा कर लिया है।
पश्चिम मिदनापुर पहुंच चुकी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की पांच कंपनियां लालगढ़ के लिए रवाना हो गई हैं।
लेकिन पीसीएपीए और नक्सलियों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों को रोकने के लिए लालगढ़ की ओर आने वाली सड़कों को खोद डाला है और मार्गो को कटे पेड़ों से अवरुद्ध कर दिया है।
वाम मोर्चे की बैठक में मौजूद नेता ने मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य के शब्दों में कहा, "हम उनके धर्य की परीक्षा लेंगे। उन पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं होगी लेकिन उनका धर्य कमजोर पड़ता है और वे हमले के लिए बाध्य होते हैं तो पुलिस और सीआरपीएफ कार्रवाई शुरू कर देगी।"
उधर, नक्सलियों के नेता बिकास ने एक चैनल से कहा कि अगर उन पर हमला किया गया तो वह अर्धसैनिक बलों को मुंहतोड़ जवाब देंगे।
दूसरी ओर गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने पश्चिम बंगाल में हिंसा की घटनाओं पर चिंता जाहिर की है।
चिदंबरम ने यहां संवाददाताओं से कहा, "वहां पर्याप्त मात्रा में केंद्रीय अर्ध सैनिक बल मौजूद हैं। लेकिन इस तरह की घटनाओं को लेकर सरकार चिंतित है।"
लालगढ़ पिछले नवंबर महीने से उबल रहा है। इलाके में माकपा कार्यकर्ताओं और नक्सलियों के बीच लगातार टकराव हो रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications