जरदारी को मनमोहन का स्पष्ट संदेश पूर्व नियोजित था
एयर इंडिया के विमान से, 17 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को दिया गया स्पष्ट संदेश समझदारी के साथ पहले से तैयार किया हुआ था। यह कदम देश में आलोचकों को ध्यान में रख कर उठाया गया था, क्योंकि वे दोनों नेताओं के बीच की इस बैठक को भारत की नरमी के रूप में प्रचारित कर सकते थे।
एक आधिकारिक सूत्र ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "यह संदेश घरेलू आलोचकों को ध्यान में रख कर था, क्योंकि वे इस बैठक को दोनों देशों के बीच बातचीत की शुरुआत के रूप में प्रस्तुत कर सकते थे और इसे सरकार की कमजोरी प्रचारित कर सकते थे।"
अधिकारी ने कहा, "जब दो नेताओं की मुलाकात होती है तो उसमें अव्यवस्थित कुछ भी नहीं होता।"
पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से येकतरिनबर्ग में स्थित होटल हयात रीजेंसी में हाथ मिलाने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि भारत चाहता है कि पाकिस्तानी धरती का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए न किया जाए।
प्रोटोकाल से स्पष्ट रूप से हटते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने संदेश से जरदारी को अवगत करा दिया। एक अधिकारी ने इसे 'मुंह में भरा हुआ संदेश कहा।'
मनमोहन सिंह ने जरदारी से कहा था, "वाकई, मैं आप से मिल कर खुश हूं। लेकिन मैं आपको स्पष्ट कर दूं कि मेरे पास आपसे चर्चा के लिए सीमित अधिकार है। हम सिर्फ इस बात पर चर्चा कर सकते हैं कि पाकिस्तान अपनी धरती को भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होने देगा, इस बात का वह कितना भरोसा दिलाता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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