'आतंकवाद को आपसी सहयोग से हराएँ'

यकतरीनबर्ग शहर में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ये टिप्पणी की है.
इसके बाद वे वहीं ब्रिक देशों (ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन) की बैठक में भाग ले रहे हैं. इसी दौरान प्रधानमंत्री मुनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से भी मुलाकात की है.
'घटनाएँ कई देशों से जुड़ी हैं'
शंघाई सहयोग संगठन की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधाननत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "हम शंघाई सहयोग संगठन के क्षेत्र में शांति, ख़ुशहाली और स्थिरता चाहते हैं."
उन्होंने कहा, "हम एक-दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं और इससे काफ़ी लाभ उठा सकते हैं. हम इसी उद्देश्य से शंघाई सहयोग संगठन की विभिन्न शाखाओं से संपर्क कर रहे हैं."
हम शंघाई सहयोग संगठन के क्षेत्र में शांति, ख़ुशहाली और स्थिरता चाहते हैं. हम एक-दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं और इससे काफ़ी लाभ उठा सकते हैं... हमारे क्षेत्र में आतंकवाद, चरमपंथी विचारधारा और मादक पदार्थों की तस्करी बड़ी समस्याएँ हैं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
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मनमोहन सिंह का कहना था, "हम देश के बाहर ऐसा वातावरण चाहते हैं जिससे हमारे देश के लोगों की आकांक्षाएँ पूरी हो सकें. हमारे क्षेत्र में आतंकवाद, चरमपंथी विचारधारा और मादक पदार्थों की तस्करी बड़ी समस्याएँ हैं."
उनका ये भी कहना था कि 'आज की दुनिया में जो भी चरमपंथी घटनाएँ होती हैं वे कई देशों से जुड़ी होती हैं और इनसे कोई भी देश मुक्त नहीं है.'
'मिलकर ख़ुशी पर संदेश भी है'
समाचार एजेंसियों के अनुसार मंगलवार को ही भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी की मुलाकात हुई हैं.
भारत के मुंबई शहर में पिछले साल नवंबर में हुए हमलों के बाद भारत-पाकिस्तान समग्र वार्ता पर विराम लगा हुआ है. भारत ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान में मौजूद चरमपंथी तत्व इस हमले के लिए ज़िम्मेदार हैं.
भारत ने बार-बार कहा है कि वार्ता तभी आगे बढ़ सकती है यदि पाकिस्तान 'अपनी भूमि का आतंकवाद के लिए इस्तेमाल न होने देने के बारे में कारगर क़दम उठाए.'
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार मंगलवार को भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति ज़रदारी के साथ इसी मुद्दे पर बातचीत की है.
मैं आपसे मिलकर ख़ुश हूँ लेकिन मेरी ये ज़िम्मेदारी है कि मैं आपको बता दूँ कि पाकिस्तान की भूमि का आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
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रॉयटर्स के अनुसार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना था, "मैं आपसे मिलकर ख़ुश हूँ लेकिन मेरी ये ज़िम्मेदारी है कि मैं आपको बता दूँ कि पाकिस्तान की भूमि का आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए."
भारत चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा के संस्थापक और जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफ़िज़ मोहम्मद सईद की हाल में लाहौर में न्यायिक आदेश के बाद हुई रिहाई पर निराश हैं.
भारत जहाँ हाफ़िज़ मोहम्मद सईद को मुंबई हमलों की साज़िश रचने वालों में से एक मानता है वहीं सबूतों के अभाव में लाहौर हाई कोर्ट ने उनकी रिहाई का आदेश दिया था.


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