स्वाइन फ्लू : देश में 31 मरीज, अमेरिका में हो संदिग्धों की जांच (राउंडअप)
ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान से न्यूजर्सी से दो दिन पहले यहां आए नौ वर्षीय इस बच्चे को आंध्रप्रदेश चेस्ट अस्पताल में निगरानी में रखा गया है।
अस्पताल के चिकित्सकों ने कहा कि नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय सक्रामक रोग संस्थान (एनआईसीडी) ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि की है कि इस बच्चे के खून का नमूना स्वाइन फ्लू वायरस से संक्रमित है।
इसके साथ ही हैदराबाद में स्वाइन फ्लू मामलों की संख्या 13 हो गई है जो कि किसी महानगर की तुलना में सबसे अधिक है। आज से ठीक एक माह पूर्व यहां स्वाइन फ्लू के पहले मामले की पुष्टि हुई थी। यहां स्वाइन फ्लू से पीड़ित सभी मरीज विदेशों से आए हैं।
चेस्ट अस्पताल में अब तक भर्ती किए गए कुल मरीजों में से छह को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है जबकि सात का अभी इलाज चल रहा है।
इस बीच भारत ने मंगलवार को अमेरिका से अपील की है कि वह अपने यहां से बाहर जाने वाले यात्रियों की स्वाइन फ्लू की जांच करे। उल्लेखनीय है कि भारत में स्वाइन फ्लू के ज्यादातर मरीज अमेरिका से आए थे।
दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने कहा, "भारत में फ्लू के मरीजों का अमेरिका मुख्य स्रोत बन गया है।"
त्रिवेदी ने संवाददाताओं से कहा, "मेक्सिको में यात्रियों के हवाई अड्डे से प्रस्थान करने के पहले उनकी बाकायदा जांच की जाती है। उसी तरह अमेरिका में भी यात्रियों के प्रस्थान से पहले हवाई अड्डे पर उनके परीक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिए।"
त्रिवेदी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद पहले ही विदेश मंत्रालय से निवेदन कर चुके हैं कि वह अमेरिका से प्रस्थान करने वाले यात्रियों के परीक्षण के लिए कहे।
उधर पंजाब के जालंधर शहर में दो और छात्रों में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके खून के नमूने जांच के लिए नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय सक्रामक रोग संस्थान (एनआईसीडी) को भेजे गए हैं। इन छात्रों के सात साथियों में पहले ही बीमारी की पुष्टि हो चुकी है और दो की रिपोर्ट आनी बाकी है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार जालंधर स्थित गुरु अमर दास पब्लिक स्कूल के 31 छात्रों का एक दल शैक्षणिक टूर पर नेशनल एयरोनाटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के लिए न्यूयार्क और फ्लोरिडा गया था। इनमें से 10 छात्रों में रविवार को इनफ्लुएंजा जैसी बीमारी के लक्षण दिखाई दिए और उन्हें जालंधर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जालंधर के चिकित्सा अधिकारी रूप लाल ने आईएएनएस से कहा, "दो छात्रों में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने के बाद मंगलवार को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये छात्र भी नासा जाने वाले 31 छात्रों के दल का हिस्सा थे।"
रूप लाल ने कहा कि जिन सात छात्रों में बीमारी की पुष्टि हो चुकी है उन्हें अलग वार्ड में रखा गया है। दो छात्रों की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन उन लोगों की सूची तैयार कर रहा है जो इन छात्रों के अस्पताल में भर्ती होने से पहले संपर्क में आए थे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार स्वाइन फ्लू की चपेट में दुनिया के 76 देश आ चुके हैं। दुनियाभर में अब तक 35,928 लोग इंफ्लुएंजा ए (एच1एन1) संक्रमण की चपेट हैं। इससे अब तक 163 लोगों की मौत हो चुकी है। मेक्सिको में 108 और अमेरिका में 45 लोगों की मौत हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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