गुरशरण कौर ने रूस के अंतिम राजा के शहीदी स्थल का दौरा किया
येकतरिनबर्ग (रूस), 16 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर ने मंगलवार को रूस के अंतिम राजा (जार) और उनके परिवार के शहीदी स्थल का दौरा किया। वह स्थल अब एक तीर्थ के रूप में परिवर्तित हो गया है।
जार निकोलस द्वितीय और उनके परिवार को आधिकारिक रूप से संत घोषित किया जा चुका है और अब उन्हें संत के रूप में ही माना जाता है। तमाम सारे रूसी नागरिक और पर्यटक स्प्लिट ब्लड चर्च को देखने जाते हैं। यह चर्च क्रांतिकारी आंदोलनों के काले अतीत और ग्लास्तनोस्त के बाद के युग में रूस के आध्यात्मिकता की ओर लौटने के एक गवाह के रूप में खड़ा है।
रसियन आर्थोडॉक्स चर्च के आर्कबिशप विकेंटी ने प्रधानमंत्री के परिवार को चर्च के अंदरूनी हिस्से में घुमाया और उस तंग स्थल को दिखाया जहां संगठित नरसंहार को अंजाम दिया गया था।
एक रूसी गाइड ने वर्ष 1918 में 17 जनवरी की उस काली रात को याद किया जब बोलशेविक गार्डो ने जार और उनके परिवार को तहखाने में बुलाया और उन्हें गोलियों से भून दिया। इस वर्णन को सुन कर गुरशरण कौर और उनकी इतिहासकार बेटी व दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज में अध्यापक उपिंदर हिल उठीं।
रूसी गाइड एलीना ने बताया कि खून के प्यासे हत्यारों को जार की पत्नी और उनकी चार बेटियों और एक बेटे को मारने में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ा, क्योंकि वे सभी भारी गहने पहने हुए थे। एलीना ने कहा, "गोलियां उन्हें स्पर्श कर निकल गईं लेकिन हत्यारों को तो उन सभी को किसी भी हाल में मारना ही था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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