महाराष्ट्र विधानसभा के दोनों सदनों में हंगामा (लीड-1)
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़ को तीन सालों के लिए जबकि उनकी पार्टी के ही सदस्य अरविंद सावंत और शिवसेना के दिवाकर रावते को उनके कार्यकाल तक सदन से निलंबित कर दिया गया। विधानसभा के उपाध्यक्ष वसंत दावखरे ने इन सदस्यों के निलंबन का फैसला सुनाया।
विपक्षी दलों ने इस मामले में सरकार पर सच्चाई पर पर्दा डालने का आरोप लगाते हुए विधानसभा के दोनों सदनों में हंगामा किया और सरकार से राम प्रधान समिति की पूरी रिपोर्ट और साथ ही कार्रवाई रिपोर्ट भी सदन में पेश करने की मांग की।
हंगामे के दौरान विपक्षी सदस्य विधानसभा अध्यक्ष की आसंदी के निकट पहुंच गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। हंगामा इस कदर हुआ कि भाजपा के सदस्य सरदार तारा सिंह मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण की कुर्सी पर जाकर बैठ गए। तारा सिंह ने हालांकि बाद में अपनी इस गलती के लिए माफी मांगी।
सरकार द्वारा कार्रवाई रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद जारी हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन की कार्यवाही दोबारा जब आरंभ हुई तो भी विपक्षी सदस्यों ने हंगामा जारी रखा। विपक्षी सदस्य पूरी रिपोर्ट सदन में पेश करने की मांग कर रहे थे।
उल्लेखनीय है कि राम प्रधान समिति ने पिछले दिनों सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद सरकार ने कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करने के लिए मुख्य सचिव जॉनी जोसेफ और अतिरिक्त मुख्य सचिव चंद्रा अयंगर की दो सदस्यीय समिति गठित की थी।
सरकार ने कार्रवाई रिपोर्ट तो सौंप दी लेकिन प्रधान समिति की रिपोर्ट सदन में पेश नहीं की। मुख्यमंत्री चव्हाण ने आश्वासन दिया था कि सरकार राम प्रधान समिति की रिपोर्ट और कार्रवाई रिपोर्ट दोनों ही सदन में पेश करेगी। विधानसभा के चल रहे मौजूदा बजट सत्र का आज आखिरी दिन था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications