फ़लस्तीनी राष्ट्र के लिए इसराइल की शर्तें

इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा की है कि उनका देश फ़लस्तीन राष्ट्र को स्वीकार करने को तैयार है बशर्ते उसकी अपनी सेना न हो. उनका कहना था कि फ़लस्तीन राष्ट्र के पास कोई सेना नहीं होनी चाहिए और न ही उसको हथियारों की तस्करी करनी चाहिए.
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि वो अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की मेलमिलाप की इच्छा से सहमत हैं.
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उनका कहना था कि वो शांति स्थापना के संबंध में बातचीत के लिए दमिश्क, रियाद और बेरूत जाने को तैयार हैं. अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बेंजामिन नेतन्याहू की घोषणा का स्वागत किया है.
अमरीकी राष्ट्रपति की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ओबामा सभी पक्षों के साथ मिलकर इस समस्या का समाधान निकालने के लिए कार्य करते रहेंगे.
लेकिन इस पर फ़लस्तीनी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ओबामा ने कहा था कि फ़लस्तीनियों को हिंसा का रास्ता छोड़ना चाहिए. साथ ही उन्होंने स्वीकार किया था कि फ़लस्तीनियों के लिए स्थिति असहनीय है.
ओबामा ने कहा था कि इसराइल को ये स्वीकार करना चाहिए कि जिस तरह इसराइल के अस्तित्व को चुनौती नहीं दी जा सकती उसी तरह फ़लस्तीनियों को भी ऐसा ही अधिकार है.
लेकिन राष्ट्रपति ओबामा ने साफ़ किया था कि अमरीका और इसराइल के रिश्ते अटूट हैं.


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