तेहरान में फिर झड़पें
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार तेहरान के विभिन्न हिस्सों के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मुसावी समर्थकों और पुलिस के बीच झड़पें जारी हैं और शनिवार के टकराव के बाद से ज्यादा हिंसक रूप धारण कर चुकी हैं।
पुलिस ने मुसावी समर्थकों और राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के समर्थकों के बीच भी झड़पे बंद करवाने की कोशिश की। अहमदीनेजाद के समर्थक मोटरबाइक्स पर सवार थे और उन्होंने हाथों में बेसबॉल के बल्ले जैसा कुछ थाम रखा था।
पुलिस को क्रुद्ध प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां भी चलानी पड़ीं और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। कुछ प्रदर्शनकारियों ने टायर भी जलाए।
मुसावी समर्थकों ने इन प्रदर्शनों में बहुत से लोगों के घायल होने तथा गिरफ्तार होने की बात भी कही है। पुलिस ने कहा है कि करीब 60 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार किए गए हैं तथा और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
तेहरान के उत्तरी हिस्से में प्रदर्शनकारियों को स्थानीय निवासियों का भी सहयोग मिला और उन्होंने अपने घरों की खिड़कियों तथा बाल्कनियों से अल्लाह हो अकबर के नारे लगाए।
इतना ही नहीं, पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधों या प्रदर्शनों की वजह से जाम में फंसे कार चालकों ने भी जोर-जोर से हार्न बजाकर प्रदर्शनकारियों का साथ दिया।
अहमदीनेजाद ने इन प्रदर्शनकारियों को गैर जरूरी करार देते हुए उनकी तुलना ऐसे फुटबाल प्रशंसकों से की है जो अपनी पसंदीदा टीम के मैच हारने के बाद स्टेडियम से बाहर निकलकर अपना गुस्सा उतारते हैं।
अहमदीनेजाद ने अपनी दूसरी कामयाबी की खुशी में आयोजित समारोह में मुसावी से हार स्वीकार करने तथा रुकावटे पैदा करना बंद करने को कहा। जबकि मुसावी ने ईरान की गार्जियन कौंसिल से इन चुनाव परिणामों को खारिज करने को कहा। चुनाव की दौड़ में शामिल दो अन्य प्रत्याशियों मोहसिन रेजाई और मेहदी करूबी ने भी अपनी शिकायते दर्ज कराई हैं।
मुसावी ने अहमदीनेजाद और गृहमंत्रालय पर चुनाव में धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए अपनी जीत का दावा किया है। कई अन्य विपक्षी पार्टियों और संगठनों ने भी चुनाव परिणामों पर सवालिया निशान लगाए हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जो बिडेन ने इन चुनाव परिणामों को संदेहास्पद करार दिया है।
इसबीच मुसावी ने आजादी स्क्वे यर पर अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण रैली में शरीक होने को कहा है जहां उनकी भाषण देने की योजना है। हालांकि रैली और भाषण के लिए मुसावी को गृहमंत्रालय की इजाजत लेनी होंगी। इजाजत नहीं मिलने पर मुसावी ने धरने पर बैठने की धमकी दी है।
इस बीच कई सुधारवादी पार्टियों का कहना है कि उनके बहुत से सदस्य तथा पत्रकार गिरफ्तार कर लिए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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