कयानी ने युद्धक मिशन के लिए भरी उड़ान
इस तरह एफ-16 लड़ाकू विमान में सह पायलट के रूप में उड़ान भरने वाले कयानी पहले सेना प्रमुख बन गए हैं। विमान को पाकिस्तानी वायुसेना के एक विंग कमांडर ने उड़ाया।
इसके पहले एक अग्रिम हवाई बेस पर सैनिकों और वायु सैनिकों को संबोधित करते हुए कयानी ने कहा कि पाकिस्तान को आतंक के खिलाफ युद्ध में किसी विदेशी मदद की जरूरत नहीं है। पाकिस्तानी सशस्त्र सेनाएं चरमपंथियों को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह सुसज्जित हैं।
पाकिस्तानी सशस्त्र बलों को दुनिया की सबसे बेहतरीन सेना बताते हुए कयानी ने कहा कि वे किसी भी बाहरी या आंतरिक चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं।
समाचार एजेंसी ऑनलाइन ने कयानी के हवाले से लिखा है, "मुट्ठी भर चरमपंथी अपनी घिनौनी हरकतों के जरिए देश को अस्थिर करना चाहते हैं। यह कोई इस्लाम के लिए युद्ध नहीं है बल्कि कुछ राष्ट्र विरोधी ताकतों ने हमें छेड़ने की कोशिश की है और हमें उनके खिलाफ एक सैन्य कार्रवाई शुरू करनी है।"
कयानी ने कहा, " हम स्वात घाटी में तब तक सैन्य अभियान नहीं रोकेंगे जब तक आतंकियों को पूरी तरह पराजित नहीं कर दिया जाता।"
कयानी ने कहा कि अब तक 126 सैनिकों को इस अभियान में अपनी कुर्बानी देनी पड़ी है।
कयानी ने इस बात की भी घोषणा की कि इस अभियान में शामिल सैनिकों को पहली जुलाई से दोगुना वेतन दिया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications