भारत में स्वाइन फ़्लू के 20 मामले

दो नए मामले बंगलौर में सामने आए हैं जहाँ 29 वर्षीय महिला और उसकी बच्ची में इसके लक्षण पाए गए हैं जबकि दिल्ली में भी 17 वर्ष के एक लड़के की जाँच की जा रही है. ये लड़का ऑरलेंडो से वापस आया है.
कुछ दिन पहले संयुक्त राष्ट्र ने इसे वैश्विक महामारी घोषित किया है. चालीस वर्षों में पहली बार इन्फ़्लुएन्ज़ा के मामलों को विश्वव्यापी महामारी घोषित किया गया है.
स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आज़ाद कह चुके हैं कि इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है और इससे निपटने के लिए पूरी सावधानी बरती जा रही है.
महामारी
भारत में स्वाइन फ़्लू ज़्यादातर ऐसे लोगों में पाया गया है जो अमरीका या ब्रिटेन जैसे देशों से यात्रा करके आए हैं.
अप्रैल महीने में मेक्सिको में स्वाइन फ़्लू का पहला मामला सामने आया था. ताज़ा आँकड़ों के मुताबिक़ अब तक 74 देशों में स्वाइन फ़्लू के 28 हज़ार मामलों की पुष्टि की जा चुकी है.
अब तक स्वाइन फ़्लू से दुनिया भर 141 लोग मारे जा चुके हैं. किसी भी बीमारी को विश्वमारी या महामारी तब कहा जाता है जब विश्व के अलग-अलग क्षेत्रों में मानव से मानव के बीच ये तेज़ी से फैलने लगे.
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसे महामारी घोषित करने से बीमारी से निपटने में कोई मदद नहीं मिलेगी.
लेकिन इसके बाद दवाइयों के उत्पादन में तेज़ी ज़रूर आ सकती है और सरकारें यात्राओं पर प्रतिबंध लगा सकती हैं.
आख़िरी बार 1968 में हांगकांग फ़्लू को विश्वव्यापी महामारी घोषित किया गया था. तब उससे दुनिया भर में 10 लाख लोगों की मौत हुई थी.


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