प्रधानमंत्री सोमवार को रूस रवाना होंगे
सरकारी सूत्रों के अनुसार रूसी उरल्स शहर येकैटरिनबर्ग में मंगलवार को दो शिखर सम्मेलन आयोजित किए गए हैं। इन शिखर सम्मेलनों में पहला है ब्राजील-रूस-भारत-चीन (ब्रिक) समूह का और दूसरा है छह देशों के शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का। इसमें रूस, चीन और मध्य एशियाई गणराज्य : कजाकस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान व ताजिकिस्तान शामिल हैं।
भारत, पाकिस्तान, ईरान और मंगोलिया एससीओ में पर्यवेक्षक के रूप में हैं।
प्रधानमंत्री के साथ इस दौरे के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम.के.नारायणन, विदेश सचिव शिवशंकर मेनन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी होंगे।
मुंबई हमले के आरोपियों के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा कार्रवाई करने में ढिलाई बरते जाने के बाद भी जरदारी के साथ मुलाकात के दौरान मनमोहन सिंह अपने पड़ोसी के साथ शांति के लिए एक नई कोशिश करेंगे।
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों नेताओं की यह बैठक बंद कमरे में होगी या कैमरे के सामने। लेकिन यह बैठक मुंबई हमले के बाद दोनों देशों के बीच दोबारा समग्र वार्ता शुरू करने की जमीन तैयार कर सकती है। लेकिन अधिकारियों का कहना है कि ऐसा शायद ही संभव हो सके।
दूसरी ओर विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने मनमोहन सिंह सरकार के दूसरे कार्यकाल के लिए तीन प्रमुख प्राथमिकताएं गिनाई हैं। उन प्राथमिकताओं में शामिल हैं, "पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण संबंध, प्रमुख ताकतों के साथ संबंधों में सुधार व आमूलचूल बदलाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था में तीव्र सुधार के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करना।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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