रूस में रूबरू होंगे मनमोहन, ज़रदारी

भारत के विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने बताया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रूस यात्रा के दौरान पाकिस्तान के राष्ट्रपति से मिल सकते हैं. लेकिन. हालांकि भारत के विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में बताया कि प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान उनका पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व से औपचारिक मुलाक़ात का कोई कार्यक्रम अभी तक तय नहीं है और इस बारे में कयास लगाना ग़लत है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और पाकिस्तान के राष्ट्रपति एक ही समय में एक ही स्थान पर होंगे, वे आपस में अभिवादन का आदान प्रदान भी करेंगे पर बातचीत की संभावना पर कुछ कहना जल्दबाज़ी होगा क्योंकि प्रधानमंत्री का इस यात्रा के दौरान कार्यक्रम बहुत व्यस्त है.
प्रधानमंत्री के नए कार्यकाल की इस पहली विदेश यात्रा के तहत वो 15 जून को रूस के येकतरिनबर्ग शहर पहुंचेंगे. वो यहाँ शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ की बैठक में हिस्सा लेंगे. इस महत्वपूर्ण बैठक में वैश्विक आर्थिक मंदी पर बातचीत होगी. साथ ही मनमोहन सिंह ब्रिक की बैठक में भी हिस्सा लेंगे. ब्रिक चार अहम देशों का संगठन है जिनका विश्व अर्थव्यवस्था में अहम स्थान है. ये चार देश हैं ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन.
भारत पाकिस्तान संबंध
दरअसल, मुंबई धमाकों के बाद से यह पहला मौक़ा होगा जब भारत के प्रधानमंत्री और पाकिस्तान के राष्ट्रपति एक दूसरे के आमने सामने होंगे. यात्रा से पहले ही भारतीय संसद में अपने भाषण में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भारत-पाकिस्तान संबंधों को नया आयाम और तेज़ी देने के संकेत दे चुके हैं.
पर रूस में इस कोशिश की शुरुआत हो सकती है, विदेश मंत्रालय से ऐसी संभावना के संकेत नहीं दिखाई देते.हालांकि शिवशंकर मेनन ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "दोनों ही देश एक दूसरे से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. हम दोनों ही एक दूसरे की ओर से जो भी बयान आ रहे हैं, उनपर पैनी नज़र रख रहे हैं."
प्रधानमंत्री की रूस यात्रा के तय कार्यक्रम के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति से औपचारिक मुलाक़ात की गुंजाइश फिलहाल कम ही नज़र आती है. पर इतनी आस ज़रूर रख सकते हैं कि अभिवादन और संवाद के शब्द मुलाक़ात या बातचीत की पेशकश लेकर आ सकते हैं.


Click it and Unblock the Notifications