अहमदीनेजाद दोबारा राष्ट्रपति चुने गए (लीड-2)
मुख्य प्रतिद्वंद्वी पूर्व प्रधानमंत्री मीर हुसैन मुसावी ने चुनाव में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाया है।
चुनाव में अहमदीनेजाद की जीत की खबर के साथ ही तेहरान और अन्य बड़े शहरों में सड़कों पर अहमदीनेजाद के समर्थक उमड़ पड़े और जीत की खुशी में झूमने लगे।
गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि मीर हुसैन मुसावी को 31 प्रतिशत मत मिले हैं।
हालांकि चुनाव परिणाम की आधिकारिक घोषणा की जानी अभी बाकी है, लेकिन गृह मंत्रालय ने कहा है कि लगभग 80 प्रतिशत मतदान हुआ है। ईरान के इतिहास में मतदान का यह सर्वाधिक प्रतिशत है।
राष्ट्रपति पद पाने की होड़ में शामिल दो अन्य नेताओं पूर्व ईरानियन रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर(आईआरजीसी) के कमांडर मोहसिन रेजाई और दो बार संसद के अध्यक्ष रह चुके मेहदी करूबी को क्रमश: 1.66 प्रतिशत और 0.83 प्रतिशत मत ही मिल सके हैं।
मंत्रालय ने कहा है कि हालांकि मतगणना अभी समाप्त नहीं हुई है, लेकिन अहमदीनेजाद को पहले ही स्पष्ट बहुमत हासिल हो गया है। उन्हें कुल 4.6 करोड़ मतदाताओं में से पड़े 3.5 करोड़ मतों में 1.8 करोड़ मत प्राप्त हो चुके हैं। यहीं पर मुसावी को मात्र 90 लाख वोट ही मिले हैं।
इस बीच शुक्रवार की रात तेहरान में जल्दबाजी में बुलाए गए एक संवाददाता सम्मेलन में मुसावी ने कहा कि वह चुनाव में स्पष्ट रूप से जीतने वाले थे। उन्होंने सरकार पर मतदान प्रक्रिया और मतगणना के दौरान गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वह नतीजों को स्वीकार नहीं करेंगे।
अहमदीनेजाद के प्रचार प्रबंधक मुजतबा समारा हाशमी ने मुसावी की शिकायतों को खारिज कर दिया है।
फार्स समाचार एजेंसी ने मुजतबा के हवाले से कहा है, "अब तक जितने मतों की गिनती हुई हैं उनमें दोनों प्रतिद्वंद्वियों को मिले मतों का अंतर इतना ज्यादा है कि इस जीत पर सवाल उठाने का जनता मखौल उड़ाएगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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