ईएमएस जन्म शताब्दी समारोह में माकपा की गुटबाजी सामने आई
पार्टी महासचिव प्रकाश करात ने कद्दावर कम्युनिस्ट नेता की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में दो दिवसीय एक कार्यक्रम का उद्घाटन किया। लेकिन आयोजन पर पार्टी पर छाए संकट की छाया स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। कार्यक्रम में वक्ताओं की सूची में केरल के मुख्यमंत्री वी.एस.अच्युतानंदन का ही नाम नहीं था।
नाम न जाहिर करने की शर्त पर मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि अच्युतानंदन को चूंकि आमंत्रित नहीं किया गया है, लिहाजा वह इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री अच्युतानंदन और पार्टी की राज्य इकाई के सचिव पिनराई विजयन के बीच एक भद्दी जंग शुरू हो गई है। यह जंग वर्ष 2006 में उस समय शुरू हुई जब विधानसभा चुनाव में अच्युतानंदन को पार्टी का टिकट ही नहीं दिया गया। अच्युतानंदन ने इसके बाद भी चुनाव लड़ा। उसके बाद वह मुख्यमंत्री भी बन गए।
दोनों गुटों के बीच रिश्ते में नई कड़वाहट तब आई, जब राज्यपाल आर.एस.गवई ने सात जून को विजयन के खिलाफ मुकदमा चलाने की सीबीआई को अनुमति दे दी।
कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष रमेश चेन्निथला ने कहा कि कार्यक्रम में अच्युतानंदन की अनुपस्थिति से साफ हो गया है कि माकपा में गुटबाजी अपने चरम पर पहुंच गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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