दलालों, ग्राहकों से निपटने के लिए कराटे

तमिलनाडु में महिला यौनकर्मियों का एक समूह अपने दलालों और ग्राहकों से निपटने के लिए इन दिनों कराटे का प्रशिक्षण ले रहा है.उनका कराटे सीखने का मक़सद अपने दलालों और हिंसक ग्राहकों से निपटना है. ये महिला यौनकर्मी दलालों और ग्राहकों की मारपीट से परेशान थीं. इससे निपटने और आत्मरक्षा के गुर सीखने के लिए उन्होंने एक स्थानीय सामुदायिक समूह 'इंडियन कम्यूनिटी वेलफ़ेयर ऑर्गनाइजेशन' से संपर्क किया था.
अत्याचार रोको
'इंडियन कम्यूनिटी वेलफ़ेयर ऑर्गनाइजेशन' के प्रमुख एजे हरिहरन कहते हैं कि इससे लोगों में यह संदेश जाएगा कि महिला यौनकर्मियों पर कहीं भी होने वाला अत्याचार ज़रूर रोका जाना चाहिए. सर्वेक्षणों के मुताबिक़ देश भर में क़रीब तीस लाख महिला यौनकर्मी हैं जो देह व्यापार कर अपना और अपने परिवार का जीवन-यापन करती हैं.
इससे लोगों में यह संदेश जाएगा कि महिला यौनकर्मियों पर कहीं भी होने वाला अत्याचार ज़रूर रोका जाना चाहिए एजे हरिहरन, सामुदायिक संगठन के प्रमुख
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देश भर में कई स्वयंसेवी संस्थाएँ इन महिला यौनकर्मियों और उनके बच्चों के लिए विभिन्न तरह के काम कर रही हैं. ये महिला यौनकर्मी अपने पेशे को क़ानूनी अधिकार दिलाने के लिए भी क़ाफ़ी समय से संघर्ष कर रही हैं.
यौनकर्मी अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर अपने पेशे को क़ानूनी मान्यता दिलवाना चाहती हैं.'नेशनल नेटवर्क ऑफ़ सेक्स वर्कर्स" के नाम से इन महिला यौन कर्मियों का एक राष्ट्रीय संगठन भी है.


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