वस्त्र उद्योग को वित्तीय राहत देने पर विचार करेगी सरकार (लीड-1)
मारन ने शुक्रवार को वस्त्र उद्योग पर मंदी के असर के बारे में एक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा, "वस्त्र उद्योग के लिए अल्पकालिक रणनीति के तहत सरकार वित्तीय ढांचे को तर्कसम्मत बनाने, सेवा कर से राहत देने, ऋण पर ब्याज दर घटाने तथा बकाया राशि के शीघ्र भुगतान के लिए कोशिश करेगी।"
मारन ने भरोसा दिलाया कि सरकार अल्प, मध्यम, व दीर्घकालिक आधार पर इस सेक्टर को राहत उपलब्ध कराने के लिए उचित कदम उठाएगी।
कपड़ा मंत्री ने कहा, "सरकार 11वीं पंचवर्षीय योजना में प्रौद्योगीकी सुधार कोष योजना (टीयूएफएस), एकीक्रत कपड़ा पार्क योजना (एसआईटीपी) और कपास प्रौद्योगिकी मिशन (टीएमसी) को लागू किए जाने को गति देने का सुझाव देगी।"
मारन ने कहा कि दीर्घकालिक तौर पर इस उद्योग में अधोसंरचना में सुधार, श्रम कानूनों में सुधार और वैश्विक रुझानों की तर्ज पर एक नई व्यापारिक शुरुआत की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षो में सरकार इस क्षेत्र में रोजगार के एक करोड़ अवसर जुटाने के लिए उचित कदम उठाएगी और विश्वस्तरीय अत्याधुनिक निर्माण सुविधाएं जुटाएंगी।
'वस्त्र उद्योग पर आर्थिक मंदी का प्रभाव' शीर्षक वाली यह रिपोर्ट आईसीआरए मैनेजमेंट कंसल्टिंग सर्विसिज ने तैयार की है।
आर्थिक मंदी के कारण निर्यात में कमी आने की वजह से वस्त्र उद्योग में छह लाख से ज्यादा कामगारों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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