आस्ट्रेलिया ने कहा, भारतीय छात्रों की हिफाजत की जाएगी (लीड-1)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार इन हमलों की वजह से अरबों डॉलर का शिक्षा उद्योग और द्विपक्षीय संबंध खतरे में पड़ गए हैं।
राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ बैठक के बाद उपप्रधानमंत्री व शिक्षा मंत्री जूलिया गिलार्ड ने कहा, "हम आस्ट्रेलियाई समुदाय को संदेश दे रहे हैं कि अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
जूलिया ने कहा, "हिंसा कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती, खास तौर पर हाल के दिनों में विक्टोरिया और न्यू साऊथ वेल्स में जो कुछ भी हुआ है, उसे तो कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।"
सरकार ने यह प्रतिबद्धता सिडनी और मेलबर्न में भारतीय छात्रों की रैलियों के बाद जाहिर की है। इन्हीं रैलियों की वजह से पुलिस को रेलवे स्टेशनों पर गश्त बढ़ानी पड़ी है। हमले की ज्यादातर वारदातें रेलवे स्टेशनों पर ही हुई हैं। भारतीय छात्रों ने भी अपने समुदाय के लोगों को रेलवे स्टेशनों से उनके घरों तक हिफाजत से पहुंचाने के लिए सर्तकता समूह बनाया है।
जूलिया ने इस संदर्भ में एक हॉटलाइन स्थापित करने की भी घोषणा की है। भारतीय छात्र इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। बैठक में भाग लेने वाले मंत्रियों ने भी अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के कार्यबल गठित करने पर सहमति जताई है। ये कार्यबल विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर विदेशी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित कराएंगे।
जूलिया ने कहा, "हम अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को यह संदेश देने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं कि उनका इस देश में स्वागत है।"
इस बीच एक अन्य 22 वर्षीय भारतीय छात्र पर एडीलेड में हमला किया गया है। इस सिलसिले में पुलिस ने एक 17 वर्षीय युवक को गिरफ्तार भी किया है।
समाचार पत्र एडवरटाइजर ने शुक्रवार को खबर दी कि हमले के कारण 22 वर्षीय छात्र की नाक से खून बह रहा था और जबड़ा सूज गया था।
छात्र ने अपनी पहचान उजागर नहीं करने के अनुरोध के साथ बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ रुं डेल मॉल जा रहा था तभी हमलावर ने उसके सिर पर वार किया। पुलिस ने इस सिलसिले में शुक्रवार तड़के 17 साल के एक युवक को गिरफ्तार कर लिया।
एडीलेड साऊथ आस्ट्रेलिया की राजधानी है। साऊथ आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री माइक रान ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा है, "हम किसी भी तरह का नस्लभेद बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
आस्ट्रेलिया में पिछले एक महीने में भारतीय छात्रों पर हमले की 12 घटनाएं हो चुकी हैं।
सिडनी और मेलबर्न में भारतीय छात्रों ने इन हमलों के विरोध में रैलियां की हैं और मकान मालिकों, नियोक्ताओं और प्रशिक्षण संगठनों द्वारा छात्रों के शोषण की जांच कराने की मांग की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications