फ्लू का नया मामला, मंत्री ने कहा घबराने की जरूरत नहीं (लीड-1)
दूसरी ओर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि इस बीमारी से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इससे निपटने के पर्याप्त उपाय किए गए हैं। उधर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इनफ्लुएंजा ए (एच1एन1) वायरस की तीव्रता को सर्वोच्च 6ठे चरण का बताते हुए गुरुवार को इसे महामारी घोषित कर दिया।
चिकित्सकों ने शुक्रवार को कहा कि न्यूयार्क से 9 जून को अपने माता-पिता और अपने छह महीने के एक भाई के साथ लौटी एक छह साल की बच्ची में फ्लू के वायरस की पुष्टि हुई है।
इस बच्ची का आंध्र प्रदेश चेस्ट हास्पिटल में उपचार चल रहा है। इसके माता-पिता की जांच नकारात्मक रही है। भाई की जांच रिपोर्ट अभी आनी है।
उधर, न्यूजर्सी से अपने अभिभावकों के साथ गुरुवार को हैदराबाद पहुंचे चार महीने के एक बच्चे में भी फ्लू के लक्षण देखे गए। उसके नमूनों को दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान (एनआईसीडी) भेजा गया है।
वर्ष 1968 में हांगकांग फ्लू महामारी के बाद पहली बार स्वाइन फ्लू महामारी घोषित किया गया है। हांगकांग फ्लू महामारी में 10 लाख लोग मारे गए थे।
दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री आजाद ने संवाददाताओं से कहा, "चिंता करने या घबराने की कोई जरूरत नहीं है। हम राज्य, जिले और प्रखंड, हर स्तर पर फ्लू से निपटने को तैयार हैं। हमारे पास दवाओं (टैमीफ्लू) का पर्याप्त भंडार है।"
स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि देश में फ्लू के सभी मामले अमेरिका से आए हैं। उन्होंने कहा, "देश की जनसंख्या की दृष्टि से स्वाइन फ्लू के मामलों की संख्या बहुत कम है और यह बीमारी स्थानीय स्तर पर नहीं पनपी है। सभी मामले बाहर से, खासतौर से अमेरिका से आए हैं।"
तैयारियों के बारे में आजाद ने कहा, "16 और प्रयोगशालाओं को सक्रिय किया जा रहा है। स्वाइन फ्लू की दवा टैमीफ्लू की 10 लाख खुराकें रखी गई हैं और त्वरित कार्रवाई दल राज्य स्तर पर तैयार किए जा रहे हैं।"
इस बीमारी ने 74 देशों में अब तक 28,774 लोगों को अपनी चपेट में ले चुकी है। इससे 144 लोगों की मौत भी हुई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव विनीत चौधरी ने कहा, "भारत में अब तक फ्लू के 16 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इसमें देश में संक्रमण के मात्र दो मामले हैं।"
डब्ल्यूएचओ द्वारा इस बीमारी को सर्वोच्च स्तर की महामारी का दर्जा दिए जाने के विषय में चौधरी ने कहा कि भारत इस श्रेणी के तहत नहीं आता, "यदि मुझसे पूछा जाए तो मैं भारत को इस श्रेणी में नहीं रखना चाहूंगा।"
फ्लू को महामारी घोषित किए जाने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) पर फ्लू वायरस के लिए यात्रियों की जांच प्रक्रिया और चुस्त कर दी गई है।
आईजीआई हवाई अड्डे को विकसित करने वाली कंपनी दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) के प्रवक्ता अरुण अरोड़ा ने शुक्रवार को कहा, "अंतर्राष्ट्रीय टर्मिनल पर पहुंचने वाले यात्रियों की 24 घंटे जांच की जा रही है। अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्रियों से निवेदन किया गया है कि वे हवाई अड्डे पर उतरने के बाद पहले जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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