'भारत और चीन के बीच की प्रतिस्पर्धा विरोधात्मक नहीं'

राव यहां इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकेडमी (आईआईएफए) के सप्ताहांत कार्यक्रम के हिस्से के रूप में आयोजित ग्लोबल बिजिनेस फोरम में मुख्य भाषण दे रहे थे।

राव ने इस कार्यक्रम में दुनिया भर से जुटे लगभग 500 प्रतिनिधियों से कहा, "चीन के शीर्ष नेताओं द्वारा व्यक्त की जाने वाली ठीक इसी तरह की भावनाएं सुखद हैं। उन्होंने भारत के साथ अपने रिश्ते को अपने देश की एक रणनीतिक नीति के रूप में लिया है।"

राव ने कहा कि दोनों देशों के दृष्टिकोण में सीमा विवाद को लेकर आए बदलाव ने आपसी आत्मविश्वास को बढ़ाने में योगदान किया है।

राव ने कहा, "दोनों देशों के बीच व्यापार वर्ष 2008 में 50 अरब डालर तक पहुंच गया। दोनों सरकारों के बीच जमीनी बातचीत हुई है। दोनों के बीच महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी आपसी समझ बनी है।"

दुनिया की अर्थव्यवस्था में चीन और भारत के बीच प्रतिस्पर्धात्मक संबंधों के सामूहिक सुर पर टिप्पणी करते हुए राव ने कहा, "प्रतिस्पर्धा और सहयोग के बीच हमेशा एक अतिक्रमण बना रहेगा। आपसी जुड़ाव को मजबूत कर भारत और चीन विकास और समृद्धि के पर्याप्त अवसर खड़े कर सकते हैं। वैश्विक बाजार में सभी देश प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं और इस तरह की प्रतिस्पर्धा सहयोग के मामले में न असंगत है और न विरोधी ही।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+